वाराणसी के मच्छरहट्टा इलाके में 10 साल के मासूम सूरज की हत्या ने पूरे इलाके को दहला दिया है। पुलिस जांच और परिजनों के आरोपों के मुताबिक, यह हत्या उसकी मां सोना चौहान ने अपने प्रेमी फैजान के साथ मिलकर प्रॉपर्टी के लालच में की। दो साल पहले सूरज के पिता बबलू शर्मा की बीमारी से मौत हो गई थी, जिसके बाद सोना अपने देवर अनूप शर्मा के साथ उसी घर में रह रही थी। यह घर वाराणसी–मिर्जापुर हाईवे पर स्थित है, जिसकी कीमत लगभग एक करोड़ रुपये बताई जाती है। परिजनों का कहना है कि सोना इस घर के बंटवारे में अपना हिस्सा चाहती थी और योजना थी कि घर बिकने के बाद उसे मिलने वाले पचास लाख रुपये से वह फैजान के साथ नई जिंदगी शुरू करेगी। अप्रैल 2025 में इसी मुद्दे को लेकर सोना और अनूप में तीखा झगड़ा हुआ, जिसमें अनूप ने साफ कहा था कि इस मकान में हिस्सा तो है, लेकिन वह सूरज का होगा, जो बड़ा होने पर मिलेगा। यही बात सोना को इतनी चुभ गई कि उसने अपने प्रेमी के साथ मिलकर चार महीने पहले सूरज को रास्ते से हटाने की साजिश रच ली। 11 अगस्त की शाम सूरज रोज की तरह कोचिंग से घर लौटा और खेलने निकल गया। आधे घंटे बाद सोना घर आई, लेकिन बच्चे के बारे में कुछ नहीं पूछा और ऊपर कमरे में चली गई। रात करीब नौ बजे वह अचानक नीचे आई और सूरज के गायब होने की बात कहकर रोने-चिल्लाने लगी। मोहल्ले के लोग और सूरज का चाचा अनूप पूरी रात तलाश में लगे रहे, जबकि सोना थाने चलने के बजाय अपने कमरे में जाकर सो गई।
12 अगस्त की सुबह पुलिस ने दोबारा पूछताछ शुरू की तो सोना ने पहले कहा कि फैजान सूरज को छोड़ने गया था, बाद में दबाव में प्रेमी के साथ संबंध और योजना की बात मान ली। पुलिस ने फैजान को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसके बाद उसकी निशानदेही पर बारह बीघा मैदान से सूरज का शव बरामद हुआ। परिजनों का कहना है कि चार महीने पहले सोना ने खुलेआम फैजान के साथ रिश्ते की बात कबूल की थी और दोनों को कई बार बाइक पर घूमते देखा गया था। फिलहाल पुलिस मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल्स, फॉरेंसिक साक्ष्यों और संपत्ति के दस्तावेजों की जांच कर रही है, जबकि इलाके में इस घटना को लेकर गुस्सा और आक्रोश का माहौल है।
