सुप्रीम कोर्ट का निर्देश, बिहार के 65 लाख हटाए गए मतदाताओं की सूची व कारण वेबसाइट पर सार्वजनिक करे चुनाव आयोग, आधार को मान्य दस्तावेज माना

सुप्रीम कोर्ट ने बिहार में मतदाता सूची से बाहर किए गए लाखों लोगों के मामले में चुनाव आयोग को सख्त निर्देश दिए हैं। अदालत ने कहा है कि आयोग तुरंत 65 लाख ऐसे मतदाताओं की सूची अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित करे, जिनके नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं, और साथ ही प्रत्येक नाम हटाने का कारण भी स्पष्ट रूप से दर्ज किया जाए। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने आधार को एक मान्य दस्तावेज के रूप में स्वीकार करने के आदेश भी दिए हैं, ताकि पात्र लोग अपने दस्तावेज प्रस्तुत कर नाम पुनः जुड़वाने की प्रक्रिया को पूरा कर सकें।

अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि चुनाव आयोग इस सूची की उपलब्धता का व्यापक प्रचार-प्रसार करे, ताकि अधिक से अधिक प्रभावित लोग इसकी जानकारी प्राप्त कर सकें और आवश्यक कार्रवाई कर सकें। सुप्रीम कोर्ट ने यह काम 19 तारीख तक पूरा करने की समय सीमा तय की है और कहा है कि पारदर्शिता बनाए रखना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का मूल आधार है। यह कदम न केवल प्रभावित मतदाताओं के लिए राहत देगा, बल्कि मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया में जवाबदेही भी सुनिश्चित करेगा।

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