उत्तर प्रदेश सरकार ने वर्ष 2047 तक प्रदेश को पूरी तरह गरीबी मुक्त बनाने का संकल्प लिया है। इसके लिए सुरक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, संसाधनों के कुशल उपयोग और आत्मनिर्भरता पर जोर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में तैयार इस मास्टरप्लान में रोजगार सृजन, वर्ल्ड क्लास मेडिकल सुविधाएं, आधुनिक शिक्षा और तकनीकी नवाचार को प्राथमिकता दी गई है।
सरकार ने कर चोरी पर अंकुश लगाने, डिजिटल प्लेटफॉर्म और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग बढ़ाने, और राज्य का स्वयं का कर राजस्व 40% से बढ़ाकर 60% करने का लक्ष्य रखा है। ऋण-निर्भरता को जीएसडीपी के 30% से घटाकर 20% करने का भी रोडमैप है।पूंजीगत व्यय को वर्तमान 18% से बढ़ाकर 30% करने की योजना है, जिससे औद्योगीकरण, रोजगार और परिसंपत्ति निर्माण को बढ़ावा मिलेगा। रिसर्च एवं डेवलपमेंट, क्लाइमेट बजटिंग, ग्रीन बजट, पिंक बजट और चाइल्ड बजट के लिए भी विशेष प्रावधान होंगे।प्रदेश को पश्चिमांचल, मध्यांचल, पूर्वांचल और बुंदेलखंड में बांटकर क्षेत्रवार विकास रणनीति बनाई गई हैबुंदेलखंड: डिफेंस कॉरिडोर, फार्मा पार्क, हेरिटेज टूरिज्म, सोलर पार्क, डेयरी कॉम्प्लेक्सपश्चिमांचल:

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