प्रयागराज के जसरा विकास खंड के अतरसुइया गांव में स्थित जूनियर माध्यमिक विद्यालय की स्थिति बेहद खराब है। स्कूल की इमारत और बाउंड्री वॉल जर्जर हो चुकी है। बिजली की सुविधा नहीं है, जबकि प्रधानाचार्य वीरेंद्र कुमार पटेल ने चार साल पहले कनेक्शन के लिए भुगतान भी कर दिया था।विद्यालय में दिव्यांग बच्चों के लिए बने शौचालय में भी सीट और खंडे नहीं हैं। मिड-डे मील योजना भी ठप हो गई है।
ग्राम प्रधान पिछले चार महीने से मिड-डे मील के संयुक्त खाते में हस्ताक्षर नहीं कर रहे हैं, जिससे बच्चों को दो दिन से भोजन नहीं मिल रहा। अध्यापिका ने बच्चों से घर से टिफिन लाने को कहा है।प्रधानाचार्य ने कई बार अधिकारियों को पत्र लिखकर मदद की गुहार लगाई, लेकिन कोई अधिकारी निरीक्षण करने नहीं पहुँचा। खंड शिक्षा अधिकारी ने कहा कि उन्हें जानकारी नहीं है, जबकि खंड विकास अधिकारी ने इसे अपने कार्यक्षेत्र से बाहर बताया। सचिव राम लाल यादव पर गाली-गलौज और काम न कराने की धमकी देने का आरोप भी लगा है।इस हालत में बच्चों की पढ़ाई और स्वास्थ्य दोनों प्रभावित हो रहे हैं। विद्यालय की दुर्दशा ने प्रशासन की लापरवाही को उजागर कर दिया है।
