विश्व पर्यटन दिवस पर रामनगर किला में जागरूकता रैली, छात्राओं ने दिया सतत पर्यटन का संदेश

आचार्य सीताराम चतुर्वेदी महिला महाविद्यालय, डोमरी पड़ाव, रामनगर में विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में महाविद्यालय की छात्राओं और शिक्षक–शिक्षिकाओं ने भाग लिया।कार्यक्रम के तहत छात्राओं ने रामनगर किला के सामने पर्यटकों का तिलक व गुलाब का फूल देकर स्वागत किया और विश्व पर्यटन दिवस की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान छात्राओं ने स्लोगन और पोस्टरों के माध्यम से “Ramnagar – A Glimpse into Royal and Cultural Heritage” थीम को प्रस्तुत किया। इसके साथ ही रामनगर चौराहे से किला तक रैली निकालकर आमजन को पर्यटन दिवस और इसके महत्व के प्रति जागरूक किया।महाविद्यालय के डॉ. अरुण कुमार दुबे ने कहा कि इस वर्ष विश्व पर्यटन दिवस का नारा “पर्यटन और सतत परिवर्तन” है। 

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों के कारण भारत का पर्यटन क्षेत्र सतत विकास और पर्यावरण–अनुकूल परिवर्तन का प्रतीक बन रहा है। आज 73% भारतीय पर्यटक सतत पर्यटन को प्राथमिकता दे रहे हैं, जो वैश्विक औसत से अधिक है।कार्यक्रम समन्वयक सुश्री सोफिया खानम ने जानकारी दी कि विश्व पर्यटन दिवस हर वर्ष 27 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन की पहल पर मनाया जाता है। 

इसकी शुरुआत 1980 से हुई थी। उन्होंने कहा कि इस वर्ष की थीम पीएम मोदी के “विकास और विरासत” के एजेंडे को साकार करती है और भारत पर्यटन के जरिए वैश्विक एकता का संदेश दे रहा है।डॉ. लक्ष्मी ने कहा कि काशी और रामनगर दोनों की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्ता अद्वितीय है। रामनगर गंगा पार बसा हुआ ऐसा धरोहर स्थल है, जो वाराणसी की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक यात्रा को पूर्ण करता है।इस अवसर पर डॉ. सूर्य प्रकाश वर्मा, डॉ. प्रतिमा राय, दीपक गुप्ता, सीमा मिश्रा, वैशाली पाण्डेय, नेहा सिंह, डॉ. सुप्रिया दुबे, मुकेश गुप्ता और शाहिना अंसारी सहित अन्य शिक्षक–शिक्षिकाएं एवं छात्राएं उपस्थित रहीं।

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