गाजीपुर के नोनहरा थाने में भाजपा कार्यकर्ता सीताराम उपाध्याय की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को शिकायत भेजकर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं।अमिताभ ठाकुर का कहना है कि दिव्यांग सीताराम की मौत पुलिस लाठीचार्ज में हुई थी। इसके सबूत मौजूद होने के बावजूद पुलिस ने अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं की। केवल कुछ पुलिसकर्मियों को निलंबित कर मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने आयोग से दोषी पुलिसकर्मियों पर एफआईआर दर्ज करने और मृतक के परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की है।घटना 9 सितंबर को हुई थी, जब बिजली के खंभे के विवाद को लेकर भाजपा कार्यकर्ता सियाराम उपाध्याय अपने गांव गठिया के 40-50 लोगों के साथ थाने पर धरने पर बैठे थे। रात में पुलिस ने थाने की लाइट बंद कर दी और लाठीचार्ज शुरू कर दिया। दिव्यांग होने के कारण सियाराम भाग नहीं पाए और उन्हें गंभीर चोटें आईं। इलाज के दौरान गुरुवार को उनकी मौत हो गई।यह मामला अब मानवाधिकार आयोग तक पहुँच चुका है और पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े कर रहा है।
