प्राचीन संस्था श्री वल्लभ युवक परिषद, जिसकी स्थापना 1974 में समाज के सांस्कृतिक एवं सामाजिक पहलुओं के उत्थान हेतु हुई थी, विगत 52 वर्षों से निरंतर समाज व राष्ट्र के मूल्यों के संवाहक के रूप में कार्यरत है। परिषद हर वर्ष की भाँति इस वर्ष भी शारदीय नवरात्र के अवसर पर गोपाल मंदिर के पवित्र प्रांगण में माता यमुना जी की आराधना हेतु विविध कार्यक्रम आयोजित कर रही है।नवरात्र की चतुर्थी को विशेष आयोजन में प्रोफेसर सीमा वर्मा के समूह द्वारा गुजराती की दुर्लभ रचनाओं की लाइव प्रस्तुति दी गई। इसमें साखी के गरबे, रास गरबा, गागर गरबा, डांडिया रास सहित मा पावागढ़ सी उतरया, शरद नि रात, कुमकुम पगले पधारो मारी मा जैसी पारंपरिक रचनाएँ प्रस्तुत की गईं। इन प्रस्तुतियों को श्रोताओं ने बेहद सराहा और यह प्रयास युवा पीढ़ी को परंपरा से जोड़ने की दिशा में सराहनीय कदम माना गया।
कार्यक्रम में संस्था के अध्यक्ष लोकेश गुजराती, मंत्री प्रदीप खंडवाला, सांस्कृतिक मंत्री रुचिका बजाज सहित शहर के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। इस अवसर पर डॉ. नीता दिसावल, संजय गुजराती, चेतना गुजराती, स्वरंगिनी राज प्रिया, लोकेश शाह, चंद्रकांत सोनी, स्मिता शाह और विनीता गुजराती आदि ने सक्रिय सहभागिता निभाई।समारोह का संचालन शरद पौडवाल ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन रजनी द्वारा प्रस्तुत किया गया।
