वाराणसी के प्रसिद्ध स्वर्वेद महामंदिर धाम में दो करोड़ रुपये के गबन का मामला सामने आया है। इस घोटाले में मंदिर के अकाउंटेंट और उसके बैंक अधिकारी भाई पर धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े का आरोप लगा है। चौबेपुर थाने में ट्रस्ट के सदस्य सुरेंद्र यादव की तहरीर पर दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। सुरेंद्र यादव ने बताया कि अकाउंटेंट विवेक कुमार, निवासी मेहदावल संत कबीर नगर, पिछले 12 वर्षों से ट्रस्ट में कार्यरत है और सितंबर 2019 से स्वर्वेद महामंदिर धाम में अकाउंटेंट के पद पर काम कर रहा था। 23 सितंबर 2025 को 20 हजार रुपये चंदे के रूप में जमा कराने के लिए दिए गए थे, जिसकी आधे घंटे में ही बैंक की जमा पर्ची भेज दी गई। संदेह होने पर जब बैंक में जांच कराई गई तो पर्ची फर्जी पाई गई। इसके बाद पुरानी पर्चियों की जांच में भी फर्जी हस्ताक्षर और जाली दस्तावेज पाए गए। गुप्त जांच में खुलासा हुआ कि विवेक ने अपने भाई अभिषेक कुमार, जो एचडीएफसी बैंक लहुराबीर शाखा में क्रेडिट मैनेजर है, की मदद से दान की राशि का गबन किया है। दोनों ने मिलकर करीब दो करोड़ रुपये का गबन किया।
पुलिस ने विवेक और अभिषेक के खिलाफ बीएनएस की धारा 419, 420, 467, 468, 471 और 409 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। एसीपी सारनाथ विदुष सक्सेना ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है, जबकि घटना की जानकारी मिलते ही अभिषेक मौके से फरार हो गया।

