यूपी सरकार के मंत्री और पूर्व आईपीएस असीम अरुण वाराणसी पहुंचे और महर्षि वाल्मीकि जयंती के कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने महर्षि वाल्मीकि मंदिर में दर्शन-पूजन किया और विभिन्न सामाजिक व राजनीतिक मुद्दों पर अपनी बात रखी।असीम अरुण ने महर्षि वाल्मीकि को भारतीय समाज के लिए आदर्श और नैतिकता का मार्गदर्शक बताया। उन्होंने कहा कि वाल्मीकि का जीवन यह संदेश देता है कि हर व्यक्ति में परिवर्तन की संभावना होती है और समाज के लिए बड़ा योगदान देने की क्षमता होती है।बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि भाजपा पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने एनडीए सरकार के कार्यकाल में हुए बड़े सुधारों का जिक्र करते हुए कहा कि जनता एक बार फिर भाजपा के साथ खड़ी होगी।असीम अरुण ने बंटवारे की राजनीति पर भी तीखा हमला किया और पाकिस्तान का उदाहरण देते हुए कहा कि धर्म के नाम पर देश को बांटने से क्या परिणाम हुए, यह सबको पता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत का संविधान सबको जोड़ने वाला है, न कि तोड़ने वाला।समाजवादी पार्टी पर भी उन्होंने आरोप लगाए और त्योहारों के समय उठे ‘I Love Mohammad’ विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि इसे उन्माद फैलाने के लिए इस्तेमाल किया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि धर्म के नाम पर समाज को बांटने की कोशिश जनता अब समझ चुकी है।
असीम अरुण ने उत्तर प्रदेश की जातिवादी राजनीति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि अब लोग केवल जातिगत समीकरणों पर राजनीति नहीं देखना चाहते, बल्कि विकास, सुरक्षा और सामाजिक समरसता को प्राथमिकता देते हैं।उन्होंने जोर देकर कहा कि भाजपा का उद्देश्य सिर्फ कुछ जातियों तक सीमित नहीं है, बल्कि हर वर्ग का समर्थन हासिल करना और सभी तबकों को साथ लेकर चलना है।

