महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय का 43वां दीक्षांत समारोह 8 अक्टूबर को सिगरा स्थित रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में आयोजित किया जाएगा। यह विश्वविद्यालय के इतिहास में पहला अवसर है जब दीक्षांत समारोह विश्वविद्यालय परिसर से बाहर आयोजित हो रहा है।कुलपति प्रोफेसर ए.के. त्यागी ने बताया कि समारोह रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में आयोजित करने का उद्देश्य विद्यार्थियों को काशी के इस अंतरराष्ट्रीय मानक के सांस्कृतिक स्थल को नजदीक से जानने और इसके निर्माण के उद्देश्यों को समझने का अवसर देना है।दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदी बेन पटेल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगी और 102 मेधावी छात्रों को गोल्ड मेडल प्रदान करेंगी। इनमें 75 छात्राएं और 27 छात्र शामिल हैं।
इस वर्ष छात्राओं ने स्वर्ण पदक सूची में बढ़त हासिल की है।कुलपति ने बताया कि एलएलएम कोर्स में दो विद्यार्थियों के समान अंक होने पर दोनों को गोल्ड मेडल दिए जाएंगे। इसी प्रकार प्राचीन इतिहास, अर्थशास्त्र, दर्शनशास्त्र, मनोविज्ञान और गृह विज्ञान विषयों में भी समान अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को संयुक्त रूप से पदक प्रदान किया जाएगा।परीक्षा नियंत्रक दीप्ति शर्मा ने जानकारी दी कि मेडलिस्ट और उपाधि प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को परिधान और आमंत्रण पत्र 7 और 8 अक्टूबर को विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में बने काउंटर से मिलेंगे।
इसके लिए छात्रों को 700 रुपये शुल्क देना होगा।गौरतलब है कि पहले दीक्षांत समारोह विश्वविद्यालय के मानविकी संकाय में बने भव्य पंडाल में आयोजित किए जाते थे, बाद में कोविड काल के बाद यह गांधी अध्ययन पीठ में हुआ था। इस बार पहली बार यह समारोह विश्वविद्यालय से बाहर आयोजित किया जा रहा है, जिससे समारोह को नया ऐतिहासिक रूप मिलेगा।


