प्रदेशभर में आशा एवं आशा संगिनी कर्मियों के बकाया भुगतान और लंबित मांगों को लेकर नाराज़गी तेज हो गई है। इसी क्रम में आशा कार्यकर्ताओं ने 15 दिसंबर 2025 से अनिश्चितकालीन राज्यव्यापी हड़ताल पर जाने का लिखित नोटिस जारी कर दिया है। संगठन का कहना है कि वर्षों से मानदेय और प्रोत्साहन राशि के लिए उनका संघर्ष जारी है, लेकिन सरकार और मिशन निदेशालय द्वारा उनकी समस्याओं को लगातार नज़रअंदाज़ किया जा रहा है।जिलाध्यक्ष ने बताया कि वर्ष 2025 में किए गए कार्यों की आधार, प्रोत्साहन राशि, राज्य प्रदत्त प्रतिपूर्ति और राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियानों के भुगतान अभी तक लंबित हैं। इसके साथ ही वर्ष 2019 से बकाया प्रोत्साहन राशि पर भी कोई निर्णय नहीं लिया गया, जबकि इस संबंध में मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और मिशन निदेशक को कई बार पत्र भेजे जा चुके हैं।
संगठन का आरोप है कि गोल्डन आयुष्मान कार्ड और ABHA ID बनाने में आशा बहुओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही, लेकिन 225 करोड़ रुपये के भुगतान में से एक रुपये तक का भुगतान नहीं किया गया। इतना ही नहीं, 1 नवंबर को की गई पूर्ण कार्यबंदी के बाद भी न तो भुगतान किया गया और न ही त्रिपक्षीय वार्ता आयोजित की गई।संगठन ने बताया कि आशा बहुओं की 14 सूत्रीय मांगें अब भी अनसुलझी हैं। यूनियन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि सरकार निर्धारित समय सीमा में वार्ता कर समाधान नहीं करती, तो 15 दिसंबर से प्रदेशभर में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कई कार्य प्रभावित होंगे, जिसकी जिम्मेदारी पूरी तरह शासन-प्रशासन की होगी। उन्होंने कहा कि आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार लिखित रूप में मांगों को स्वीकार नहीं करती।

