महामना क्लिनिक, लंका रश्मि नगर के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. रवि रंजन शर्मा ने कड़ाके की सर्दी को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा कि ठंड का मौसम खासतौर पर बुजुर्गों, बच्चों और पहले से किसी बीमारी से ग्रसित लोगों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े खतरे का कारण बन सकती है।डॉ. रवि रंजन शर्मा ने बताया कि सर्दी के मौसम में शरीर के तापमान को नियंत्रित करना कठिन हो जाता है। बच्चों में तापमान नियंत्रण की क्षमता पूरी तरह विकसित नहीं होती, जिससे उन्हें संक्रमण और अन्य बीमारियों का खतरा अधिक रहता है।
वहीं जन्मजात रोग, ब्लड प्रेशर, शुगर और हृदय रोग से पीड़ित लोगों में ठंड के कारण अचानक रक्तचाप बढ़ सकता है। इससे सांस की तकलीफ, हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक का जोखिम कई गुना बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि मौजूदा भीषण ठंड का सीधा असर जीवन पर पड़ता है।डॉ. शर्मा ने सर्दी से बचाव के लिए कई अहम सुझाव भी दिए। उन्होंने कहा कि ठंड से बचने के लिए कपड़े कई परतों में पहनना चाहिए, ताकि शरीर का तापमान सुरक्षित बना रहे। सबसे पहले बनियान या थर्मल, उसके ऊपर स्वेटर और फिर जैकेट या कोट पहनना बेहतर होता है। इससे ठंड का प्रभाव सीधे शरीर तक नहीं पहुंच पाता। इसके साथ ही गर्दन ढककर रखने, मोज़े और जूते पहनकर ही बाहर निकलने की सलाह दी।
सुबह की सैर को लेकर उन्होंने विशेष चेतावनी दी। डॉ. शर्मा के अनुसार अत्यधिक ठंड में सुबह-सुबह टहलने जाना हृदय रोगियों के लिए खतरनाक हो सकता है और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने सलाह दी कि सैर के लिए तभी बाहर निकलें जब धूप निकल आए।उन्होंने ठंडे पानी से सुबह स्नान करने को भी जोखिम भरा बताया। डॉ. शर्मा ने कहा कि इससे ब्लड प्रेशर अचानक बढ़ सकता है, जिससे ब्रेन स्ट्रोक, हार्ट अटैक या हार्ट फेल्योर की आशंका रहती है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आस्था और धार्मिक भावनाएं महत्वपूर्ण हैं, लेकिन जीवन की सुरक्षा उससे भी अधिक जरूरी है।

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