उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में यमुना एक्सप्रेस-वे पर गुरुवार तड़के एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। राया थाना क्षेत्र में चलती स्लीपर बस में अचानक भीषण आग लग गई। आग लगते ही बस में सवार यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। चीख-पुकार के बीच यात्रियों ने खिड़की और दरवाजों से कूदकर अपनी जान बचाई। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ।पुलिस के अनुसार हादसा गुरुवार सुबह करीब 5:15 बजे यमुना एक्सप्रेस-वे के माइलस्टोन 110 के पास हुआ। स्लीपर बस (संख्या UP 90 AT 8837) बांदा से दिल्ली जा रही थी। बस में 10 महिलाओं और 10 बच्चों सहित कुल 30 यात्री सवार थे। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण टायर फटना बताया जा रहा है।
सोते यात्रियों की धमाके से खुली नींद
यात्रियों ने बताया कि बस बुधवार शाम 21 जनवरी को बांदा से दिल्ली के लिए रवाना हुई थी। बस में दो ड्राइवर और एक कंडक्टर मौजूद थे। तड़के करीब 5 बजे तेज धमाके की आवाज सुनकर यात्रियों की नींद खुली। देखते ही देखते बस के अंदर धुआं भर गया और पिछले हिस्से में आग की लपटें उठने लगीं।
ड्राइवर-कंडक्टर यात्रियों को छोड़कर फरार
आरोप है कि ड्राइवर ने बस को सड़क किनारे खड़ा कर दिया और कंडक्टर के साथ मौके से फरार हो गया। इसके बाद यात्रियों ने खुद ही हिम्मत दिखाते हुए बाहर निकलना शुरू किया। कुछ यात्री दरवाजे से बाहर आए, जबकि कई लोगों ने खिड़कियां तोड़कर कूदकर अपनी जान बचाई। बाहर निकलते ही देखा गया कि बस का पिछला हिस्सा पूरी तरह आग की चपेट में था।
सारा सामान जलकर खाक, लंबा जाम
आग की सूचना पर फायर ब्रिगेड की चार गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस दौरान यमुना एक्सप्रेस-वे पर करीब 2 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। बस में रखा यात्रियों का सारा सामान जलकर खाक हो गया।
यात्री सुरक्षित, दूसरी बस से भेजे गए
राया थाना प्रभारी रवि भूषण शर्मा ने बताया कि सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं। उन्हें वैकल्पिक बस से दिल्ली के लिए रवाना कर दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
यात्री ने सुनाई आपबीती
कानपुर निवासी यात्री सोनू गुप्ता ने बताया कि वह कार गैराज चलाते हैं और सामान लाने के लिए दिल्ली जा रहे थे। उनके साथ दोस्त एजाज भी थे। अचानक बस रुक गई और धुआं भरने लगा। समय रहते बाहर निकलने से उनकी जान बच गई।

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