हरियाणा के सोनीपत जिले के मुरथल स्थित नागे बाबा मंदिर में आयोजित प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिरकत की। इस दौरान उन्होंने सनातन धर्म, भारत की सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रहित पर विस्तार से विचार रखे। कार्यक्रम में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली, स्थानीय विधायक और बड़ी संख्या में संत-महात्मा व श्रद्धालु मौजूद रहे।सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत और सनातन धर्म एक-दूसरे के पूरक हैं। जब भारत का हित सुरक्षित रहेगा, तभी सनातन धर्म भी मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि नाथ संप्रदाय भारत की सबसे पुरानी और प्रभावशाली सांस्कृतिक परंपराओं में से एक है, जो न केवल सनातन धर्म को मजबूती देता है बल्कि जीवन जीने की सही दिशा भी दिखाता है।
अयोध्या और काशी में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज अयोध्या में राम मंदिर और काशी धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। कभी राम मंदिर का निर्माण एक कल्पना माना जाता था, लेकिन मजबूत सरकार और दृढ़ संकल्प से यह सपना साकार हुआ। आज अयोध्या में राम मंदिर की पताका लहरा रही है और काशी विश्वनाथ धाम में ऐतिहासिक संख्या में श्रद्धालु दर्शन कर रहे हैं।
विदेशी मानसिकता से बाहर निकला देश
योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनके शासन में देश गुलामी और विदेशी ताकतों की मानसिकता से बाहर निकलकर विकसित भारत की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि यह बदलाव केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक चेतना का भी प्रतीक है।
धर्म किसी पर थोपा नहीं जा सकतासीएम योगी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि धर्म उपासना का विषय है और इसे किसी पर थोपा नहीं जा सकता। हरियाणा की धरती से भगवान श्रीकृष्ण ने गीता का उपदेश दिया, जिसमें कर्म को प्रधान बताया गया है। अच्छे कर्मों से ही समाज और राष्ट्र का कल्याण संभव है। उन्होंने केरल हाईकोर्ट के एक फैसले का उल्लेख करते हुए धर्मांतरण को रोकने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
हर मंदिर को धाम में बदलने का संकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अयोध्या में मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा के बाद दो वर्षों में करीब 45 करोड़ श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। अब हम सबका दायित्व है कि हर मंदिर को धाम के रूप में विकसित किया जाए और सनातन धर्म को कमजोर करने वाली ताकतों के खिलाफ एकजुट होकर खड़ा हुआ जाए।योगी आदित्यनाथ ने कहा कि शताब्दी महोत्सव जैसे आयोजन केवल उत्सव नहीं हैं, बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय विकास के लक्ष्य को पूरा करने का माध्यम हैं, जिन्हें संत समाज और जनता के सहयोग से साकार किया जाएगा।

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