मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी सैन्य गतिविधियों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में अमेरिकी एयरक्राफ्ट की क्षेत्र में मौजूदगी को ईरान पर संभावित हमले की आशंकाओं से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने इन अटकलों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि ऐसी धमकियों में कोई दम नहीं है।
खामेनेई ने एक बयान में कहा कि ईरान दबाव और धमकियों से डरने वाला नहीं है और देश अपनी संप्रभुता की रक्षा करने में पूरी तरह सक्षम है। उन्होंने कहा कि बाहरी ताकतें केवल मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन ईरान हर परिस्थिति के लिए तैयार है।दूसरी ओर, अमेरिकी पक्ष की ओर से आधिकारिक तौर पर किसी हमले की पुष्टि नहीं की गई है।
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में सैन्य तैनाती रूटीन अभ्यास और सुरक्षा कारणों से की जाती है।विश्लेषकों का मानना है कि हालिया घटनाक्रम कूटनीतिक दबाव बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है। फिलहाल दोनों देशों के बयानों के बीच स्थिति पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर बनी हुई है।

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