काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के के. एन. उडुप्पा सभागार में शुक्रवार को काशी इनोवेशन उत्सव का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में वाराणसी के लगभग 20 स्कूलों के छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपने नवाचारी विचारों एवं स्टार्टअप आइडिया प्रस्तुत किए।कार्यक्रम के दौरान संस्था के सीईओ एवं फाउंडर श्रेयांशु जायसवाल ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य बच्चों में नवाचार की सोच को विकसित करना और उन्हें समस्याओं का रचनात्मक समाधान खोजने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि आज न केवल बनारस बल्कि पूरे देश में बच्चे नवाचार की दिशा में आगे बढ़ना चाहते हैं, लेकिन उन्हें सीखने और मार्गदर्शन के लिए उपयुक्त मंच नहीं मिल पाता।
श्रेयांशु जायसवाल ने जानकारी दी कि उनकी संस्था के पास देशभर में 500 से अधिक मेंटर्स का मजबूत नेटवर्क है, जो बच्चों को नवाचार और स्टार्टअप से जुड़ा मार्गदर्शन प्रदान करता है। यह कार्यक्रम डीआईसी, बीएचयू के सहयोग से तथा टाइटल पार्टनर कैटजी के साथ आयोजित किया गया।उन्होंने बताया कि संस्था अब तक वाराणसी के करीब 20 स्कूलों तक पहुँच चुकी है, जहाँ छात्रों को इनोवेशन से जुड़ी व्यावहारिक शिक्षा दी जा रही है। इस मंच के माध्यम से बच्चों को यह अवसर मिला कि वे अपने आइडिया फाइनल स्टेज पर प्रस्तुत कर सकें और विशेषज्ञों से फीडबैक प्राप्त कर सकें।
श्रेयांशु जायसवाल ने स्पष्ट किया कि नवाचार और आविष्कार दो अलग अवधारणाएँ हैं। नवाचार का अर्थ केवल नई चीज़ बनाना नहीं, बल्कि हमारे आसपास मौजूद समस्याओं को नए और प्रभावी तरीकों से हल करना है। इस पहल के जरिए बच्चों को प्रॉब्लम सॉल्वर बनने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को इनोवेशन की शिक्षा देकर उन्हें भविष्य में समाज और देश के लिए उपयोगी समाधान विकसित करने के लिए तैयार करना है।


