दिल्ली सरकार में मंत्री और आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी द्वारा की गई टिप्पणी को लेकर सिख समाज में तीव्र आक्रोश व्याप्त है। इसी को लेकर शनिवार को अमरोहा में भाजपा जिला पंचायत सदस्य ने प्रेसवार्ता आयोजित कर कड़ा विरोध जताया। प्रेसवार्ता में उन्होंने आतिशी की टिप्पणी को सिख समाज की भावनाओं को आहत करने वाली बताते हुए उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द करने की मांग की।भाजपा जिला पंचायत सदस्य ने कहा कि सिख समाज ने देश की आज़ादी से लेकर आज तक राष्ट्र निर्माण में अतुलनीय योगदान दिया है। ऐसे गौरवशाली और सम्मानित समाज के खिलाफ किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक या अमर्यादित टिप्पणी स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि आतिशी की टिप्पणी दुर्भाग्यपूर्ण होने के साथ-साथ सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने वाली है।
उन्होंने कहा कि एक जिम्मेदार पद पर बैठे जनप्रतिनिधि से इस तरह की भाषा और सोच की उम्मीद नहीं की जाती। यदि कोई मंत्री या विधायक इस प्रकार की टिप्पणी करता है तो यह केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि उस पूरे राजनीतिक दल की सोच को दर्शाता है। भाजपा नेता ने मांग की कि इस मामले में संवैधानिक और कानूनी प्रक्रिया के तहत कठोर कार्रवाई की जाए तथा आतिशी की विधानसभा सदस्यता तत्काल प्रभाव से समाप्त की जाए।प्रेसवार्ता के दौरान भाजपा नेता ने यह भी कहा कि सिख समाज शांतिप्रिय है, लेकिन अपने सम्मान से समझौता नहीं कर सकता। यदि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं की गई तो सिख समाज के लोग और भाजपा कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित सरकार और प्रशासन की होगी।
इस मौके पर मौजूद भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी आतिशी के बयान की कड़ी निंदा की। कार्यकर्ताओं ने कहा कि देश में भाईचारा और आपसी सम्मान बनाए रखना सभी नेताओं की जिम्मेदारी है, लेकिन इस तरह की टिप्पणियां समाज को बांटने का काम करती हैं। उन्होंने राष्ट्रपति और राज्यपाल से भी मामले का संज्ञान लेने की मांग की।प्रेसवार्ता के अंत में भाजपा जिला पंचायत सदस्य ने बताया कि जल्द ही इस संबंध में जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा जाएगा, ताकि सिख समाज को न्याय मिल सके और भविष्य में कोई भी जनप्रतिनिधि इस प्रकार की बयानबाजी करने से पहले सौ बार सोचे।


