मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सिद्धार्थनगर पहुंचे, जहां उन्होंने कपिलवस्तु महोत्सव-2026 का भव्य उद्घाटन किया। बीएसए ग्राउंड स्थित महोत्सव स्थल पर मुख्यमंत्री ने जिले के विकास को नई गति देते हुए 1051 करोड़ रुपये की 229 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।इस अवसर पर मंच पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और इटवा से सपा विधायक माता प्रसाद पांडे भी मौजूद रहे। दोनों नेताओं की कुर्सियां मंच पर एक साथ लगी रहीं। मुख्यमंत्री ने मंच से माता प्रसाद पांडे की सराहना करते हुए कहा कि आज उन्होंने साहस दिखाया है कि वह इस महोत्सव में स्वयं आए और डुमरियागंज की सपा विधायक सैयदा खातून को भी साथ लाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह एक अच्छा प्रयास है और ऐसे मंच होने चाहिए, जहां हम सभी एक साथ विकास की बात कर सकें। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो भी विधायक विकास प्रस्ताव लेकर आते हैं, उन्हें बिना किसी भेदभाव और बिना कटौती के परियोजनाओं के लिए धन उपलब्ध कराया जाता है।अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार के विमान हादसे में निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवार के साथ हैं।सीएम योगी ने कहा कि आज से 8–10 साल पहले कोई यह कल्पना नहीं कर सकता था कि सिद्धार्थनगर में मेडिकल कॉलेज होगा। आज माधव बाबू के नाम पर यहां अत्याधुनिक मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहा है। इसके साथ ही नर्सिंग कॉलेज की शुरुआत हो चुकी है। उन्होंने महिला छात्रावास और 1000 सीटों वाले ऑडिटोरियम के शिलान्यास का भी उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश पहले बीमारू राज्य माना जाता था, लेकिन आज पूर्वांचल विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि पहले बच्चे इंसेफ्लाइटिस जैसी बीमारी से जान गंवाते थे, लेकिन डबल इंजन की सरकार ने दशकों पुरानी इस बीमारी को जड़ से खत्म कर दिया है। अब यहां कोई भी इंसेफ्लाइटिस से नहीं मरता।सीएम योगी ने कपिलवस्तु की ऐतिहासिक विरासत का जिक्र करते हुए कहा कि 125 साल पहले भगवान बुद्ध के अवशेष इंग्लैंड पहुंचा दिए गए थे। अब सांसदों की पहल से कपिलवस्तु में विपश्यना केंद्र का निर्माण किया जा रहा है, जो हमारी सांस्कृतिक विरासत की रक्षा का प्रतीक है।मुख्यमंत्री ने बताया कि नेपाल भारत का मित्र राष्ट्र है और सीमावर्ती क्षेत्रों में इंटर-स्टेट कनेक्टिविटी को मजबूत किया गया है। खलीलाबाद से बहराइच जाने वाली रेल लाइन का लगभग 80 किलोमीटर हिस्सा सिद्धार्थनगर से होकर गुजर रहा है।इसके साथ ही गोरखपुर-शामली इकोनॉमिक कॉरिडोर सिद्धार्थनगर की तीन विधानसभा सीटों—इटवा, डुमरियागंज और बांसी—से होकर गुजर रहा है, जो आने वाले समय में इस क्षेत्र को विकास का नया कॉरिडोर बनाएगा।

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