मणिकर्णिका घाट पर लोकमाता अहिल्याबाई होलकर सहित अन्य प्राचीन एवं सांस्कृतिक महत्व की मूर्तियों को तोड़कर हटाए जाने के आरोपों को लेकर कांग्रेस कमेटी नेजोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस महानगर अध्यक्ष के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने इस कार्रवाई को ऐतिहासिक विरासत और जनभावनाओं के साथ खिलवाड़ बताया।
कांग्रेस के लगभग 20 से 25 कार्यकर्ता प्रधानमंत्री कार्यालय को संबोधित ज्ञापन देने के लिए निकले थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया। शांतिपूर्ण ढंग से ज्ञापन सौंपने जा रहे कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर गाड़ियों में बैठाकर ले गई। इस कार्रवाई के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में आक्रोश फैल गया।कार्यकर्ताओं ने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई होलकर एक महान समाज सुधारक और राष्ट्रसेविका थीं।
उनकी प्रतिमा को हटाना इतिहास, संस्कृति और सनातन परंपरा का अपमान है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विकास के नाम पर विरासत को नुकसान पहुंचा रही है, जिसे कांग्रेस किसी भी हाल में स्वीकार नहीं करेगी।उन्होंने कहा कि यह पूरी घटना लोकतांत्रिक अधिकारों का खुला हनन है। शांतिपूर्ण प्रदर्शन और ज्ञापन देने का अधिकार भी छीना जा रहा है। कांग्रेस पार्टी इस अन्याय के खिलाफ चुप नहीं बैठेगी और लोकतांत्रिक तरीके से अपना संघर्ष जारी रखेगी।कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि हटाई गई मूर्तियों को तत्काल उनके मूल स्थान पर पुनः स्थापित किया जाए और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

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