वाराणसी जिला एवं सत्र न्यायालय में कफ सिरप कांड के आरोपी शुभम जायसवाल के पिता भोला जायसवाल के खिलाफ सोमवार को अहम सुनवाई होगी। पुलिस द्वारा आरोपी की संपत्ति कुर्क करने के लिए दाखिल अर्जी पर अपर जिला जज (14वां वित्त आयोग) मनोज कुमार की अदालत में बहस होगी।पिछली सुनवाई के दौरान आरोपी के अधिवक्ता शैलेंद्र सिंह ने अदालत को बताया था कि पुलिस की ओर से दाखिल कुर्की अर्जी की प्रति उपलब्ध नहीं कराई गई थी, जिससे यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा था कि किन संपत्तियों को अटैच करने की मांग की गई है। अदालत के निर्देश पर उक्त अर्जी की प्रति भोला जायसवाल के वकील को उपलब्ध करा दी गई है।बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले पुलिस आरोपी भोला जायसवाल को सोनभद्र जेल से वारंट-बी के तहत वाराणसी कोर्ट में पेश कर लाई थी। पेशी के बाद अदालत ने आरोपी को न्यायिक रिमांड पर लेते हुए पुनः जेल भेज दिया था। इसी दौरान शुभम जायसवाल की अवैध संपत्तियों को कुर्क करने संबंधी पुलिस की अर्जी पर सुनवाई हुई थी, जिसमें आरोपी या उसके परिजन अदालत में उपस्थित नहीं हुए। इसके बाद न्यायालय ने नोटिस जारी कर पक्ष रखने का अवसर दिया था।
वाराणसी में 30 करोड़ की संपत्ति
पुलिस जांच में सामने आया है कि कोडीनयुक्त कफ सिरप तस्करी और फर्जी ड्रग लाइसेंस के जरिए भोला जायसवाल ने वाराणसी में करीब 30 करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित की है। जैतपुरा और बादशाह बाग कॉलोनी स्थित आवासीय मकान तथा महमूरगंज स्थित केबीएन प्लाजा में व्यावसायिक भवन की कुर्की की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।पूछताछ और संबंधित चार्टर्ड अकाउंटेंट से तलब किए गए दस्तावेजों के आधार पर यह भी सामने आया है कि भोला की फर्म शैली ट्रेडर्स के जरिए करीब 500 करोड़ रुपये के कफ सिरप की तस्करी की गई। अवैध कमाई से वाराणसी सहित अन्य जिलों में महंगे मकान, वाहन खरीदे गए, फिक्स्ड डिपॉजिट कराई गई और विभिन्न बैंकों में बड़ी धनराशि जमा की गई।
107 बीएनएसएस के तहत नोटिस
संपत्तियों की जांच-पड़ताल के बाद न्यायालय को रिपोर्ट सौंपी गई, जिस पर 107 बीएनएसएस के तहत नोटिस जारी किया गया। एसआईटी की अगुवाई कर रहे इंस्पेक्टर सदानंद राय ने शुक्रवार को जिला कारागार पहुंचकर आरोपी को नोटिस की तामीला कराई। नोटिस में भोला जायसवाल से अर्जित संपत्तियों का पूरा विवरण मांगा गया है।
अन्य संपत्तियों की भी तलाश
पुलिस अब यह भी पता लगा रही है कि तस्करी से अर्जित धन से अन्य किन-किन स्थानों पर संपत्तियां खरीदी गई हैं। जांच में सामने आया है कि दो फर्जी फर्मों के जरिए झारखंड के रांची, पलामू, बोकारो और यूपी के सोनभद्र, वाराणसी, चंदौली, भदोही, मिर्जापुर, बलिया सहित कई जिलों में कागजी आपूर्ति दिखाकर कफ सिरप की तस्करी की गई। इस नेटवर्क के जरिए करोड़ों रुपये की अवैध कमाई की गई, जिसे अब कुर्क करने की कार्रवाई तेज कर दी गई है।

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