डोमरी, रामनगर, स्थित आचार्य सीताराम चतुर्वेदी महिला महाविद्यालय में बाल शिक्षा मंडल काशी के संस्थापक, प्रख्यात साहित्यकार एवं पत्रकार आचार्य पंडित सीताराम चतुर्वेदी जी की 119वीं जन्म जयंती के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय समारोह का समापन भव्य कार्यक्रम के साथ हुआ।कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की छात्राओं द्वारा कुलगीत से हुआ। इसके पश्चात निदेशक प्रो. कल्पलता पाण्डेय ने अतिथियों का वाचिक स्वागत किया। बाल विद्यालय माध्यमिक स्कूल, डोमरी की छात्राओं ने गणेश वंदना प्रस्तुत की। संगीत शिक्षक हरेंद्र पाण्डेय एवं दीपक मिश्र द्वारा आचार्य जी का प्रिय भजन “झीनी रे झीनी चदरिया” प्रस्तुत किया गया।
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, प्रयागराज के वेद विभागाध्यक्ष प्रो. मनोज कुमार मिश्र को अंगवस्त्र, स्मृति-चिह्न एवं पौधा भेंट कर सम्मानित किया गया। अपने उद्बोधन में उन्होंने आचार्य सीताराम चतुर्वेदी के साहित्यिक योगदान पर प्रकाश डालते हुए बताया कि उन्होंने 250 से अधिक ग्रंथों की रचना की तथा ‘हनुमत चरित’ पर प्रथम मौलिक कृति लिखी।कार्यक्रम में बाल विद्यालय प्रह्लादघाट के विद्यार्थियों द्वारा कृष्ण लीला का मंचन, महाविद्यालय एवं बाल विद्यालय की छात्राओं द्वारा शास्त्रीय एवं सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत किए गए। प्रख्यात नाटककार आशीष त्रिवेदी द्वारा नाटक का मंचन किया गया, जिनको अभिनव भरत सम्मान के अंतर्गत ₹11,000 की नगद राशि, अंगवस्त्र एवं स्मृति-चिह्न प्रदान किया गया।
मुख्य अतिथि काशी हिंदू विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी को अंगवस्त्र, स्मृति-चिह्न एवं पौधा भेंट कर सम्मानित किया गया। उन्होंने आचार्य जी को अत्यंत प्रतिभावान व्यक्तित्व बताते हुए उनके मालवीय जी से निकट संबंधों का उल्लेख किया।इस अवसर पर महाविद्यालय की पत्रिका “ऋतंभरा” एवं “पाथेय” का विमोचन किया गया। साथ ही विद्यालय एवं महाविद्यालय के उत्कृष्ट छात्र-छात्राओं तथा शिक्षकों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में कुलपति द्वारा आचार्य जी की स्मृति में 119 दीप प्रज्वलित किए गए।कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन स्नेहलता पाण्डेय ने किया एवं मंच संचालन डॉ. लक्ष्मी तथा अंजली विश्वकर्मा ने किया।

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