राजधानी दिल्ली में स्थित एक नहर, जिसे लोग अब ‘डेथ कैनाल’ कहने लगे हैं, लगातार मौतों का कारण बनती जा रही है। आंकड़ों के मुताबिक इस नहर के पास हर महीने औसतन पांच शव बरामद किए जा रहे हैं, जिससे प्रशासन और पुलिस की चिंता बढ़ गई है।साल 2025 में इस नहर से कुल 60 शव मिले, जिनमें से केवल 37 शवों की ही पहचान हो सकी। शेष शवों की पहचान न हो पाने के कारण कई मामले अब भी रहस्य बने हुए हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शवों के पास अक्सर पहचान से जुड़े दस्तावेज नहीं मिलते, जिससे न सिर्फ शिनाख्त में देरी होती है बल्कि जांच प्रक्रिया भी जटिल हो जाती है। कई मामलों में यह तय कर पाना भी मुश्किल होता है कि मौत हादसा है, आत्महत्या या किसी अपराध का नतीजा।लगातार सामने आ रहे मामलों के बावजूद नहर की सुरक्षा और निगरानी को लेकर प्रशासन की तैयारियां सवालों के घेरे में हैं। स्थानीय लोग लंबे समय से नहर के किनारे सुरक्षा इंतजाम बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।

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