महादेव सट्टेबाजी ऐप पर ईडी का शिकंजा, 91.82 करोड़ की संपत्ति जब्त

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने महादेव ऑनलाइन बुक (एमओबी) और स्काईएक्सचेंज डॉट कॉम सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 91.82 करोड़ रुपये की संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया है। यह कार्रवाई अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी के जरिए अर्जित काले धन को सफेद करने की जांच के तहत की गई है।
ईडी के रायपुर क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा की गई इस कार्रवाई में दुबई स्थित दो कंपनियों—मेसर्स परफेक्ट प्लान इन्वेस्टमेंट एलएलसी और मेसर्स एक्जिम जनरल ट्रेडिंग एफजेडसीओ—के नाम पर जमा 74.29 करोड़ रुपये के बैंक बैलेंस को फ्रीज किया गया है।

मुख्य आरोपियों से जुड़ी थीं दुबई की कंपनियां

ईडी द्वारा बुधवार को जारी बयान के अनुसार, ये दोनों कंपनियां कथित तौर पर महादेव सट्टेबाजी नेटवर्क के मुख्य आरोपियों सौरभ चंद्रकार, अनिल कुमार अग्रवाल और विकास छपारिया के नियंत्रण में थीं। जांच में सामने आया है कि इन कंपनियों का इस्तेमाल अवैध सट्टेबाजी से अर्जित अपराध की आय को वैध निवेश के रूप में दिखाने के लिए किया गया।
स्काईएक्सचेंज मालिक के करीबी की 17.5 करोड़ की संपत्ति जब्त
जांच एजेंसी ने स्काईएक्सचेंज डॉट कॉम के मालिक हरि शंकर तिबरेवाल के करीबी सहयोगी गगन गुप्ता की 17.5 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति भी जब्त की है।
इन संपत्तियों में गुप्ता और उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर दर्ज उच्च मूल्य की अचल संपत्तियां और अन्य परिसंपत्तियां शामिल हैं, जिन्हें अवैध सट्टेबाजी से प्राप्त नकदी के जरिए खरीदा गया था।



गेम में हेराफेरी कर यूजर्स से करते थे ठगी
ईडी की जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि महादेव ऑनलाइन बुक और स्काईएक्सचेंज जैसे प्लेटफॉर्म गेम एल्गोरिदम में हेराफेरी कर उपयोगकर्ताओं को नुकसान पहुंचाते थे। इससे उन्हें भारी मात्रा में अवैध कमाई होती थी।
जांच में सामने आया कि ये प्लेटफॉर्म एक संगठित नेटवर्क के रूप में काम कर रहे थे, जहां—

बेनामी खातों का इस्तेमाल
फर्जी केवाईसी दस्तावेज
बेहिसाब डिजिटल लेन-देन
के जरिए यूजर्स का पंजीकरण और धन का लेन-देन कराया जाता था।



हवाला, क्रिप्टो और एफपीआई के जरिए विदेश भेजा गया पैसा
ईडी के अनुसार, अवैध कमाई को हवाला, व्यापार आधारित मनी लॉन्ड्रिंग (TBML) और क्रिप्टोकरेंसी के जरिए विदेश भेजा गया। इसके बाद इस धन को विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) के माध्यम से भारतीय शेयर बाजार में दोबारा निवेश किया गया।

जांच में एक तथाकथित “कैशबैक योजना” का भी खुलासा हुआ है, जिसके तहत एफपीआई ने सलसार टेक्नो इंजीनियरिंग लिमिटेड और टाइगर लॉजिस्टिक्स लिमिटेड जैसी सूचीबद्ध कंपनियों में निवेश किया। इसके बदले में कंपनियों के प्रमोटरों द्वारा 30 से 40 प्रतिशत नकद वापस किए जाने के आरोप हैं।

जांच जारी, और खुलासों की संभावना
ईडी ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत की गई है और मामले की जांच अभी जारी है। आने वाले दिनों में इस सट्टेबाजी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और कंपनियों पर भी शिकंजा कसने की संभावना जताई जा रही है।


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