प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक बड़े मामले में अल-फलाह यूनिवर्सिटी पर कड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने यूनिवर्सिटी की करीब 140 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच कर ली है, जबकि यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी और अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल की गई है।ईडी की यह कार्रवाई छात्रों और अभिभावकों से कथित धोखाधड़ी और अवैध तरीके से धन अर्जित करने के मामले में की गई है। जांच एजेंसी के मुताबिक, यूनिवर्सिटी ने छात्रों से फर्जी तरीके से फीस वसूल कर उसे गलत उद्देश्यों में इस्तेमाल किया।
अल-फलाह यूनिवर्सिटी का नाम दिल्ली के लाल किले में हुए विस्फोट के बाद जांच के दौरान सामने आया था। जांच में यह सामने आया कि यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी के तार इस मामले से जुड़े हुए हैं। इसके बाद ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से मामले की जांच शुरू की।ईडी के अनुसार, यूनिवर्सिटी ने छात्रों से नियमों के विपरीत फीस वसूली और उसका दुरुपयोग किया। जांच में यह भी दावा किया गया है कि इस प्रक्रिया में छात्रों और उनके अभिभावकों से बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी की गई।
ईडी ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी की 58 एकड़ जमीन, यूनिवर्सिटी परिसर की इमारतें और छात्रावासों को अटैच किया है। एजेंसी का दावा है कि यूनिवर्सिटी द्वारा छात्रों से करीब 415.10 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई है। इसी आधार पर चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी और अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है।फिलहाल मामले की जांच जारी है और ईडी आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।

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