ईरान में गिरफ्तार किए गए 16 भारतीय नागरिकों के परिजन गहरी चिंता में हैं। गिरफ्तार भारतीयों में उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ निवासी मर्चेंट नेवी अफसर अनिल कुमार सिंह (50) और गाजियाबाद के 27 वर्षीय केतन मेहता भी शामिल हैं। परिजनों का कहना है कि उन्होंने केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय को पत्र भेजकर मदद की गुहार लगाई है, लेकिन अब तक कोई ठोस जवाब नहीं मिला है।गाजियाबाद निवासी केतन मेहता के पिता ने कहा कि अब उन्हें केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से ही उम्मीद है। उन्होंने कहा कि जिस तरह पाकिस्तान में फंसे अभिनंदन को भारत वापस लाया गया था, उसी तरह उनके बेटे को भी सुरक्षित वापस लाया जा सकता है। ईरान के मौजूदा हालात को देखते हुए पूरा परिवार बेहद चिंतित है।
जानकारी के मुताबिक, 8 दिसंबर 2025 को दुबई जा रहे एक केमिकल ऑयल टैंकर शिप MT VALIANT ROAR को ईरानी सैनिकों ने फायरिंग कर रोक लिया था। इस जहाज पर सवार 16 भारतीयों समेत कुल 18 लोगों को हिरासत में लिया गया। ईरान पुलिस ने सभी पर डीजल तस्करी का आरोप लगाया है और केमिकल ऑयल टैंकर को जब्त कर लिया गया।हिरासत में लिए गए भारतीयों में से 10 अधिकारियों को ईरान की जेल भेज दिया गया है, जबकि 6 भारतीय अधिकारी अब भी शिप पर बंधक बताए जा रहे हैं। जेल भेजे गए भारतीयों में कुंडा (प्रतापगढ़) निवासी 50 वर्षीय अनिल कुमार सिंह भी शामिल हैं, जो दुबई की प्राइम टैंकर्स एलएलसी कंपनी में चीफ ऑफिसर के पद पर तैनात थे।
अनिल कुमार सिंह की पत्नी गायत्री सिंह और बेटे रितुराज सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्रालय से हस्तक्षेप कर सुरक्षित वापसी की मांग की है। वहीं, गाजियाबाद निवासी केतन मेहता दुबई की जीएस टैंकर नाम की कंपनी में थर्ड इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं। केतन 29 जून को भारत से रवाना हुए थे और मर्चेंट नेवी में कार्यरत हैं।ईरान में भारतीय नागरिकों की गिरफ्तारी के बाद उनके परिजन लगातार सरकार से मदद की अपील कर रहे हैं और जल्द से जल्द सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए हुए हैं।

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