विश्वनाथ कॉरिडोर को लेकर काशी में सियासत गरम, कांग्रेस ने सरकार पर लगाया विरासत मिटाने का आरोप

विश्वनाथ कॉरिडोर को लेकर काशी में चल रही तोड़फोड़ को लेकर सियासत तेज हो गई है। अहिल्याबाई होलकर की मूर्ति को नुकसान पहुंचाए जाने के आरोप के बाद अब होलकर ट्रस्ट भी विरोध में उतर आया है। इसी बीच शुक्रवार को उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान काशी की विरासत को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।अजय राय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार काशी की प्राचीन विरासत और हिंदू धर्म की सबसे बड़ी धरोहर को पूरी तरह से ध्वस्त करने में जुटी हुई है। उन्होंने कहा कि काशी केवल एक शहर नहीं, बल्कि हिंदू धर्म की सबसे बड़ी विरासत है, जिसे सरकार ने विकास के नाम पर तबाह कर दिया।

अजय राय ने आरोप लगाया कि बाबा विश्वनाथ धाम में कॉरिडोर के नाम पर एक आधुनिक मॉल जैसा निर्माण कर दिया गया और इस दौरान सैकड़ों प्राचीन मंदिरों को तोड़ दिया गया। उन्होंने कहा कि काशी की आत्मा को नुकसान पहुंचाया गया है, जिसे कभी भी वापस नहीं लाया जा सकता।उन्होंने हजारों वर्ष पुराने अक्षय वट वृक्ष का मुद्दा उठाते हुए कहा कि हिंदू धर्म में काशी, गया और प्रयागराज को त्रिवेणी के समान पवित्र माना जाता है और इन तीनों स्थानों पर अक्षय वट वृक्ष का विशेष धार्मिक महत्व रहा है। अजय राय के मुताबिक गया और प्रयागराज में आज भी अक्षय वट वृक्ष मौजूद हैं, जबकि काशी का अक्षय वट वृक्ष पूरी तरह काट दिया गया।

अजय राय ने दावा किया कि बाबा विश्वनाथ और मां पार्वती के काशी आगमन से भी पहले यह अक्षय वट वृक्ष वहां विराजमान था, लेकिन कॉरिडोर निर्माण के दौरान इसे स्लाइस कर पूरी तरह नष्ट कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि गुजरात के ठेकेदारों द्वारा इस ऐतिहासिक वृक्ष को खत्म किया गया।विश्वनाथ कॉरिडोर को लेकर बढ़ते राजनीतिक विवाद के बीच अब इस मुद्दे ने धार्मिक और सांस्कृतिक बहस का रूप ले लिया है, जिस पर आने वाले दिनों में सियासत और तेज होने के संकेत हैं।



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