वृंदावन में शुक्रवार को सुदामा कुटी के संस्थापक संत सुदामा दास जी महाराज के वृंदावन आगमन के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में भव्य शताब्दी महोत्सव का आयोजन किया गया। इस विशेष अवसर पर संत प्रेमानंद महाराज महोत्सव में शामिल होने पहुंचे। उन्होंने सुदामा कुटी आश्रम में विराजमान भगवान कौशल किशोर के दर्शन किए और आरती संपन्न की।
संत प्रेमानंद महाराज ने कुंभ मेला स्थल पर चल रहे शताब्दी महोत्सव में पहुंचकर श्रीराम महायज्ञ स्थल की परिक्रमा भी की। कार्यक्रम स्थल पर वे लगभग आधे घंटे तक उपस्थित रहे।महोत्सव के दौरान संत प्रेमानंद महाराज ने सुदामा कुटी आश्रम में श्री महंत सुतीक्ष्ण दास महाराज और महंत अमर दास महाराज से भेंट की। इसके पश्चात वे उत्सव स्थल पहुंचे, जहां भगवान कौशल किशोर के दर्शन कर वे और उनके साथ आए शिष्य भाव-विभोर हो गए।
इस अवसर पर श्री महंत सुतीक्ष्ण दास महाराज ने संत प्रेमानंद महाराज को शताब्दी महोत्सव का प्रतीक चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। संत प्रेमानंद महाराज के आगमन की सूचना मिलते ही आश्रम और उत्सव स्थल पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। स्थिति को देखते हुए संत प्रेमानंद महाराज के सेवादारों ने उन्हें सुरक्षा के बीच भीड़ से निकालकर वापस केली कुंज आश्रम पहुंचाया।शताब्दी महोत्सव में संतों की उपस्थिति और धार्मिक अनुष्ठानों से वृंदावन का वातावरण भक्तिमय बना रहा।

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