दहेज प्रताड़ना मामले में पति को अग्रिम जमानत, कोर्ट से मिली बड़ी राहत

दहेज के लिए विवाहिता से मारपीट और प्रताड़ना के मामले में आरोपित पति को अदालत से बड़ी राहत मिली है। विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम तृतीय) पूनम पाठक की अदालत ने विरार, नवी मुंबई निवासी आरोपित पति शिवम जितेंद्र पाण्डेय को अग्रिम जमानत प्रदान कर दी है। अदालत ने आदेश दिया कि पुलिस द्वारा गिरफ्तारी की स्थिति में आरोपित को 50-50 हजार रुपये की दो जमानतें एवं बंधपत्र प्रस्तुत करने पर रिहा किया जाएगा।अदालत में बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव, नरेश यादव, चंद्रबली पटेल एवं संदीप यादव ने पक्ष रखा।

अभियोजन के अनुसार, नवलपुर निवासी वादिनी पारुल सिंह ने शिवपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। वादिनी का आरोप है कि उसकी शादी 8 फरवरी 2023 को शिवम जितेंद्र पाण्डेय के साथ हुई थी। विवाह के बाद से ही ससुराल पक्ष दहेज में कम रकम मिलने को लेकर उसे प्रताड़ित करने लगा। आरोप है कि पति शिवम पाण्डेय, सास पुष्पा पाण्डेय, ससुर जितेंद्र पाण्डेय एवं ननद शताक्षी पाण्डेय (आस्था) लगातार ताने देते, मारपीट करते और मायके से 14 लाख रुपये या किआ कार लाने का दबाव बनाते रहे।वादिनी ने यह भी आरोप लगाया कि वह गर्भवती थी, बावजूद इसके ससुराल पक्ष ने उसे जबरन गर्भपात कराने का दबाव बनाया। इनकार करने पर उसके साथ मारपीट की गई और घर से निकाल दिया गया। मामले की जानकारी मिलने पर वादिनी की मां, दादा एवं बड़े पिता 14 जनवरी 2024 को ससुराल पहुंचे और काफी समझाने के बाद अपनी मजबूरी बताते हुए तीन लाख रुपये नकद दिए, लेकिन इसके बाद भी उत्पीड़न नहीं रुका।

वादिनी के अनुसार, पति उसके साथ जबरन अप्राकृतिक मैथुन करता था और विरोध करने पर उसे नग्न कर घर से बाहर निकाल देता था। आरोप है कि पति अपनी महिला मित्र दीपिका दयाल को घर ले आया और उसके साथ रहने की बात कहने लगा। विरोध करने पर दीपिका दयाल ने वादिनी को गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी।अंततः 13 अक्टूबर 2024 को वादिनी को जबरन ससुराल से निकालकर मायके भेज दिया गया, जिसके बाद उसने पुलिस में मुकदमा दर्ज कराया।फिलहाल, अदालत द्वारा पति को अग्रिम जमानत दिए जाने के बाद मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।



Post a Comment

Previous Post Next Post