ग्रेटर नोएडा के थाना ईकोटेक-3 क्षेत्र से मानवता को झकझोर देने वाला मामला सामने आय। सीआरपीएफ में तैनात कमांडेंट जीडी तारिक अनवर और उसकी पत्नी रिम्पा खातून पर 10 साल की बच्ची के साथ बेरहमी से मारपीट और लंबे समय तक शारीरिक प्रताड़ना देने का आरोप है। गंभीर हालत में बच्ची को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी स्थिति देखकर डॉक्टर भी हैरान रह गए।डॉक्टरों के अनुसार बच्ची के शरीर पर कई गहरे और पुराने घाव के निशान मिले हैं। उसकी कई पसलियां और दांत टूटे हुए हैं, जबकि हीमोग्लोबिन मात्र 1.9 पाया गया। बच्ची कुपोषण का शिकार थी और लंबे समय तक उसे भूखा रखने के संकेत भी मिले हैं।
हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने मेडिकल लीगल केस (एमएलसी) तैयार कर पुलिस को सूचना दी।बताया जा रहा है कि आरोपी दंपती ईकोटेक-3 स्थित सीआरपीएफ कैंपस के ब्लॉक संख्या 60 के क्वार्टर नंबर 13 में रहते थे। बच्ची आरोपी की पत्नी की रिश्तेदार बताई जा रही है, जिसे घरेलू कामकाज के लिए पश्चिम बंगाल से लाया गया था। बच्ची को कैंपस में रखने के लिए किसी तरह की आधिकारिक अनुमति भी नहीं ली गई थी।15 जनवरी को आरोपी तारिक अनवर बच्ची को गंभीर हालत में सर्वोदय अस्पताल लेकर पहुंचा था। पूछताछ में उसने दावा किया कि बच्ची बाथरूम में फिसलकर गिर गई, लेकिन मेडिकल जांच में यह दावा गलत साबित हुआ। डॉक्टरों को बच्ची के साथ लंबे समय से अत्याचार किए जाने का संदेह हुआ, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।बच्ची की हालत बिगड़ने पर उसे सेक्टर-28 स्थित मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां वह फिलहाल वेंटिलेटर सपोर्ट पर है।
मामले की जांच के लिए जब पुलिस टीम सीआरपीएफ कैंप पहुंची तो वरिष्ठ अधिकारियों से भी पूछताछ की गई। सीआरपीएफ अधिकारियों ने पुष्टि की कि बिना अनुमति बच्ची को रखा गया था।पुलिस जांच में संतोषजनक जवाब न मिलने पर सीआरपीएफ ने आरोपी कांस्टेबल तारिक अनवर को निलंबित कर दिया। वहीं पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तारिक अनवर और उसकी पत्नी रिम्पा खातून को गिरफ्तार कर लिया है।एडीसीपी सेंट्रल नोएडा संतोष कुमार ने बताया कि मामले में गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। बच्ची के इलाज और सुरक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।

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