मणिकर्णिका घाट को लेकर सोशल मीडिया पर फैले कथित दुष्प्रचार के मामले ने अब प्रशासनिक और कानूनी रूप ले लिया है। घाट पर चल रहे जीवनोद्धार कार्य के दौरान मंदिरों और प्राचीन संरचनाओं को नुकसान पहुंचाने के आरोपों के बीच वाराणसी पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है।भ्रामक पोस्ट और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल करने के आरोप में चौक थाने में 8 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। एफआईआर में आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह और कांग्रेस नेता पप्पू यादव सहित अन्य लोगों के नाम शामिल हैं।
पुलिस ने सभी आरोपियों को नोटिस जारी कर 72 घंटे के भीतर थाने में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है। तय समय सीमा में जवाब न देने पर गिरफ्तारी की कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।इसी बीच अहिल्याबाई होल्कर से जुड़ी मूर्ति को नुकसान पहुंचाए जाने की सूचना के बाद पाल समाज के लोग आक्रोशित हो गए। करीब 30 से 35 लोग विरोध प्रदर्शन के लिए मणिकर्णिका घाट पहुंचे, जहां उनकी पुलिस से तीखी झड़प हो गई। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों को मौके से खदेड़ दिया गया।
इस दौरान धक्का-मुक्की और एक पुलिसकर्मी की वर्दी फाड़े जाने के आरोप भी सामने आए हैं। हालात पर काबू पाते हुए पुलिस ने 20 से 25 लोगों को हिरासत में लेकर थाने में बैठाया है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है।पूरे प्रकरण को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट मोड में है और सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों व भ्रामक सूचनाओं पर कड़ी नजर रखी जा रही है। पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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