अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक महिला प्रोफेसर ने आरोप लगाया है कि उन्हें केवल हिंदू होने के कारण लगातार मानसिक और संस्थागत उत्पीड़न झेलना पड़ा। प्रोफेसर का कहना है कि एक डीन ने उनसे साफ शब्दों में कहा — “तुम हिंदू हो, AMU में नहीं पढ़ा सकती।”
महिला प्रोफेसर ने दावा किया कि पिछले 27 वर्षों से उन्हें भेदभाव, मानसिक प्रताड़ना और अपमान का सामना करना पड़ा। इस लंबे उत्पीड़न का असर उनके स्वास्थ्य पर भी पड़ा, जिसके चलते उन्हें गर्भपात तक झेलना पड़ा। उन्होंने कहा कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।पीड़िता के अनुसार, अब वह चुप नहीं रहेंगी और इस मामले में एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी कर रही हैं। उनका कहना है कि यह केवल उनका व्यक्तिगत मामला नहीं, बल्कि शैक्षणिक संस्थानों में व्याप्त भेदभाव की गंभीर समस्या को उजागर करता है।
यह मामला सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। वहीं, शिक्षाविदों और सामाजिक संगठनों ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

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