मायावती का बड़ा बयान जनकल्याण और संविधान की रक्षा के लिए बीएसपी जरूरी

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती ने अपने 70वें जन्मदिन के अवसर पर प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर केंद्र और प्रदेश सरकारों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उनका जन्मदिन पार्टी कार्यकर्ता हर वर्ष जनकल्याणकारी दिवस के रूप में मनाते हैं। इस मौके पर उन्होंने देशवासियों और प्रदेशवासियों को नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं भी दीं।मायावती ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकारें उनकी सरकार के समय शुरू की गई जनकल्याणकारी योजनाओं के नाम और स्वरूप में थोड़ा बदलाव कर उन्हें लागू कर रही हैं, लेकिन उन योजनाओं का लाभ सभी पात्र लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा है। उन्होंने कहा कि केवल प्रचार के लिए योजनाएं चलाई जा रही हैं, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और है।

बसपा सुप्रीमो ने कहा कि उनकी सरकार ने संतों और महापुरुषों के सम्मान में अनेक स्मारक और स्थल बनवाए थे, जिनकी आज विरोधी पार्टियां नकल कर रही हैं। उन्होंने विरोधियों पर तीखा तंज कसते हुए कहा कि “विरोधी दलों की स्थिति राम नाम जपना और बगल में छुरी रखने जैसी हो गई है।”मायावती ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह न तो झुकने वाली हैं और न ही डरने वाली। उन्होंने कहा कि विरोधी दलों द्वारा रचे जा रहे षड्यंत्रों का पूरा लेखा-जोखा वह अपने संघर्षमय जीवन और बीएसपी आंदोलन के माध्यम से सामने लाएंगी।

साथ ही पार्टी कार्यकर्ताओं को सतर्क और सजग रहने की अपील की।उन्होंने कांग्रेस और भाजपा पर आरोप लगाया कि दोनों ही पार्टियां बीएसपी को कमजोर करने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाती रहती हैं। मायावती ने कहा कि बहुजन समाज और संविधान की रक्षा के लिए बीएसपी का सत्ता में आना बेहद जरूरी है।प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान मायावती ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि बसपा अपने सिद्धांतों और संघर्ष के रास्ते से पीछे नहीं हटेगी और जनता के अधिकारों की लड़ाई मजबूती से लड़ती रहेगी।



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