इंडियन सुपर लीग (ISL) के भविष्य को लेकर अनिश्चितता लगातार गहराती जा रही है। 2025-26 सीजन की शुरुआत अब तक नहीं हो पाने से भारतीय और विदेशी फुटबॉल खिलाड़ी गंभीर चिंता में हैं। हालात इतने बिगड़ गए हैं कि खिलाड़ियों ने अब सीधे FIFA से हस्तक्षेप की अपील की है, ताकि भारत के इस प्रमुख फ्रेंचाइजी फुटबॉल टूर्नामेंट की स्थिति साफ हो सके।भारतीय फुटबॉल टीम के दिग्गज खिलाड़ी सुनील छेत्री, गुरप्रीत सिंह संधू और संदेश झिंगन ने भी खुलकर इस मुद्दे पर आवाज उठाई है। इन खिलाड़ियों ने कहा है कि ISL को लेकर फैली अनिश्चितता खिलाड़ियों, स्टाफ और फैंस तीनों के लिए नुकसानदायक साबित हो रही है।
दरअसल, ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (AIFF) और फुटबॉल स्पोर्ट्स डेवलपमेंट लिमिटेड (FSDL) के बीच मास्टर राइट्स एग्रीमेंट (MRA) के नवीनीकरण को लेकर विवाद चल रहा है। इसी विवाद के चलते ISL का नया सीजन शुरू नहीं हो सका है। 25 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों को आपसी मतभेद सुलझाने का निर्देश दिया था, लेकिन कई महीनों के बाद भी कोई समाधान सामने नहीं आया है।गुरप्रीत सिंह संधू ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में कहा,“जनवरी का महीना है और इस वक्त हमें ISL के मैच खेलते हुए आपकी स्क्रीन पर होना चाहिए था।”वहीं संदेश झिंगन ने कहा कि खिलाड़ी इस समय फुटबॉल खेलने के बजाय डर और निराशा के माहौल से गुजर रहे हैं।सुनील छेत्री ने भी चिंता जाहिर करते हुए कहा,“खिलाड़ियों, स्टाफ और फैंस—सभी को यह जानने का हक है कि आगे क्या होने वाला है।”
बताया जा रहा है कि ISL के 2025-26 सीजन को इसलिए रोका गया है क्योंकि AIFF और FSDL के बीच नया मास्टर राइट्स एग्रीमेंट अभी तक नहीं हो पाया है। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने AIFF को निर्देश दिया है कि जब तक फेडरेशन से जुड़े मामलों पर अंतिम फैसला नहीं आ जाता, तब तक वह FSDL के साथ कोई नया समझौता न करे।इन हालात में ISL का भविष्य अधर में लटका हुआ है और खिलाड़ियों के साथ-साथ भारतीय फुटबॉल के फैंस भी जल्द किसी ठोस फैसले का इंतजार कर रहे हैं।

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