शहर में गणेश चतुर्थी एवं प्रसिद्ध मेले को लेकर बड़ा गणेश मंदिर में तैयारियां तेज़ी से चल रही हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर व आसपास के क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर बैरिकेडिंग की जा रही है, ताकि दर्शन के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी गणेश चतुर्थी के अवसर पर लाखों श्रद्धालुओं के बड़ा गणेश मंदिर पहुंचने की संभावना है। मंदिर के पुजारी राजेश तिवारी ने बताया कि गणेश चतुर्थी के दिन बड़ा गणेश जी के दर्शन का विशेष महत्व है। इस दिन बड़ी संख्या में महिलाएं अपने बच्चों के लिए व्रत रखती हैं और भगवान गणेश के दर्शन करती हैं। यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है और आज भी पूरे श्रद्धा भाव से निभाई जाती है।
इस अवसर पर लगने वाला प्राचीन मेला, जिसे स्थानीय लोग “स्कूल लक्खा मेला” के नाम से भी जानते हैं, विशेष आकर्षण का केंद्र रहता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह व्रत पुत्र प्राप्ति एवं पुत्र की दीर्घायु के लिए रखा जाता है। श्रद्धालु भगवान गणेश को गुड़, तिल, माला एवं फूल अर्पित करते हैं तथा रात्रि में अर्घ्य देने के बाद ही अपना व्रत पूर्ण करते हैं।प्रशासन एवं मंदिर समिति द्वारा सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है, ताकि श्रद्धालु शांतिपूर्ण एवं सुगम ढंग से भगवान गणेश के दर्शन कर सकें।

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