काशी में जीआरएएम बिल के विरोध में कांग्रेस और उसके छात्र संगठन एनएसयूआई के प्रस्तावित प्रदर्शनों को लेकर हालात तनावपूर्ण हो गए। एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी के नेतृत्व में हो रहे प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा धक्का-मुक्की का आरोप लगा है। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पुलिस ने एनएसयूआई अध्यक्ष को धक्का देकर गिराया और घसीटते हुए वाहन में बैठाया। इस दौरान कई कार्यकर्ताओं को भी बलपूर्वक हिरासत में लिया गया। अब तक 12 से अधिक एनएसयूआई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने की पुष्टि हुई है।स्थिति को गंभीर देखते हुए पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल स्वयं सड़क पर उतरे और सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाली। उन्होंने पुलिसकर्मियों को निर्देश दिया कि कानून-व्यवस्था भंग करने की कोशिश पर सख्ती से निपटा जाए।
दरअसल, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और एनएसयूआई ने अलग-अलग स्थानों पर विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया था। इसे देखते हुए पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में रही। शहर में करीब 1000 पुलिसकर्मी तैनात किए गए, प्रमुख चौराहों पर बैरिकेडिंग की गई और ड्रोन से निगरानी की गई।उधर, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ के तहत मार्च निकालने वाले थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें टाउनहॉल चौराहे पर रोक दिया। इसके बाद अजय राय गांधी प्रतिमा के नीचे धरने पर बैठ गए और उपवास शुरू किया।वहीं, एनएसयूआई द्वारा प्रधानमंत्री जनसंपर्क कार्यालय के घेराव की घोषणा के चलते बीएचयू सिंह द्वार से लेकर कार्यालय तक सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। तीन स्तर की बैरिकेडिंग के साथ भारी पुलिस बल की तैनाती की गई, जिससे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने से रोक दिया गया।फिलहाल वाराणसी में हालात नियंत्रण में हैं, लेकिन राजनीतिक माहौल काफी गर्माया हुआ है।


