अपनी पदयात्रा के दौरान वाराणसी पहुंचे राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने केंद्र और प्रदेश की योगी-मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इस पदयात्रा का मुख्य उद्देश्य जनता को रोजगार दिलाने की मांग उठाना है। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि यदि रोजगार नहीं दे सकते तो युवाओं को दस हजार रुपये भत्ता दिया जाए।
संजय सिंह ने प्रयागराज में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि जिस तरह शंकराचार्य के साथ शिखा खींचकर मारपीट की गई और उन्हें घसीटा गया, वह बेहद निंदनीय है। उन्होंने इसे लोकतंत्र और धार्मिक सम्मान पर हमला बताया।मणिकर्णिका घाट स्थित मढ़ी मंदिर के तोड़े जाने के मुद्दे पर भी संजय सिंह ने सरकार को घेरा।
उन्होंने कहा कि वह मुकदमों से डरने वाले नहीं हैं, लेकिन काशी की विरासत, धरोहर और प्राचीन मंदिरों को जिस तरह तोड़ा जा रहा है, उसके खिलाफ वह हमेशा आवाज उठाते रहेंगे।संजय सिंह ने कहा कि काशी सिर्फ एक शहर नहीं, बल्कि आस्था और संस्कृति की पहचान है, और इसके साथ हो रहे अन्याय को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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