उत्तर प्रदेश दिवस 24 जनवरी को लखनऊ में भव्य तरीके से मनाया जाएगा। इस अवसर पर पूरे प्रदेश के पारंपरिक खान-पान के स्टॉल लगाए जाएंगे। खास बात यह है कि यूपी दिवस पर काशी के प्रसिद्ध व्यंजन—कचौड़ी-जलेबी, बनारसी पान और ठंडाई—लखनऊ में लोगों को स्वाद का अनुभव कराएंगे।काशी के पारंपरिक खान-पान को ODOC (वन डिस्ट्रिक्ट वन कुजिन) के तहत ब्रांड के रूप में विकसित करने की तैयारी की जा रही है। यूपी दिवस के आयोजन में वाराणसी का विशेष स्टॉल लगाया जाएगा, जहां काशी के मशहूर व्यंजन प्रदर्शित किए जाएंगे।
काशी के खानपान को मिलेगी नई उड़ान
जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केंद्र के सहायक आयुक्त विनोद कुमार वर्मा ने बताया कि लखनऊ में आयोजित यूपी दिवस कार्यक्रम में वाराणसी का स्टॉल भी शामिल होगा। इस स्टॉल पर ODOC के अंतर्गत वाराणसी की जीआई टैग प्राप्त तिरंगा बर्फी, बनारसी पान, ठंडाई, कचौड़ी-जलेबी, लौंगलता और प्रसिद्ध हींग की कचौड़ी तैयार की जाएगी। इसी आयोजन के दौरान वन डिस्ट्रिक्ट वन कुजिन का चयन भी किया जाना है।उन्होंने कहा कि इस पहल से काशी के पारंपरिक खान-पान को नई पहचान और उड़ान मिलेगी।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचेगी काशी की पाककला
विनोद कुमार वर्मा ने बताया कि सरकार का उद्देश्य काशी की पाककला को उसके मूल स्वाद और विशिष्ट पहचान के साथ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाना है। ODOC योजना के तहत व्यंजनों की ब्रांडिंग, पैकेजिंग और मार्केटिंग के लिए सरकारी प्रोत्साहन दिया जाएगा। साथ ही गुणवत्ता, स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जाएगा।
जीआई टैगिंग को मिलेगा बढ़ावा
जीआई मैन के नाम से प्रसिद्ध पद्मश्री डॉ. रजनीकांत ने बताया कि ODOC योजना के माध्यम से काशी के उत्पादों को खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप प्रमाणित किया जा सकेगा। इससे काशी के स्वाद को एक विशिष्ट पहचान मिलेगी और उत्पादों की गुणवत्ता में भी सुधार होगा, जिससे जीआई टैगिंग का मार्ग प्रशस्त होगा।उन्होंने कहा कि इस योजना से काशी के पारंपरिक व्यंजन और उन्हें बनाने वाले कारीगर सुरक्षित होंगे। काशी के लाल पेड़ा और तिरंगा बर्फी की तरह अन्य स्थानीय व्यंजन भी विश्व पटल पर अपनी अलग पहचान बना सकेंगे।

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