कांग्रेस नेता शशि थरूर ने हाल ही में पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी और वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खरगे से अहम मुलाकात की। मुलाकात के बाद थरूर ने संवाददाताओं से कहा कि वे सब “एक साथ हैं” और पार्टी नेतृत्व के साथ उनके संबंध पूरी तरह ठीक हैं। उन्होंने विशेष रूप से राहुल गांधी को धन्यवाद देते हुए कहा “थैंक्यू”, जिससे यह संकेत मिला कि पार्टी के भीतर चल रही नाराज़गी और मतभेद के चर्चाओं को शांत करने की कोशिश हो रही है।
क्या थी नाराज़गी?
पिछले कुछ हफ्तों में थरूर कई अहम कांग्रेस मीटिंग्स में शामिल नहीं हुए थे। इसकी वजह से यह अफवाहें उठीं कि वे पार्टी नेतृत्व या राहुल गांधी से नाराज हैं। मीडिया में यह चर्चा भी रही कि थरूर की अनुपस्थिति कुछ राजनीतिक मतभेदों की वजह से हो सकती है।हालांकि थरूर ने साफ किया कि उनकी गैरहाज़िरी पूर्व निर्धारित कार्यक्रम और व्यक्तिगत कारणों से थी, और उन्होंने पार्टी को समय से पहले इसकी जानकारी दे दी थी। उन्होंने मुलाकात के बाद यह भी कहा कि उनकी बातचीत “warm and constructive” थी और इसमें किसी भी तरह का मतभेद या असहमति नहीं रही।
मुलाकात का संदेश
थरूर की यह मुलाकात और उनके बयान से यह स्पष्ट संदेश गया है कि कांग्रेस नेतृत्व और वरिष्ठ नेताओं के बीच मतभेद की चर्चाएं फिलहाल शांत हो गई हैं। पार्टी के भीतर एकजुटता और सहयोग का यह संकेत माना जा रहा है।विशेषज्ञों का कहना है कि थरूर का राहुल गांधी को धन्यवाद कहना केवल शिष्टाचार नहीं, बल्कि पार्टी में एक सकारात्मक संदेश देने की रणनीति भी हो सकती है। इससे यह भी संकेत मिलता है कि आगामी चुनावी तैयारियों और पार्टी के निर्णयों में थरूर सक्रिय रूप से शामिल रहेंगे।

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