केंद्र सरकार ने तंबाकू और तंबाकू से बने उत्पादों पर एक्साइज ड्यूटी लगाने का ऐलान किया। यह नई व्यवस्था 1 फरवरी 2026 से लागू होगी। इसके बाद सिगरेट पीने वालों को पहले की तुलना में ज्यादा कीमत चुकानी पड़ेगी।सरकार के फैसले के मुताबिक सिगरेट पर पहले से लागू 40 प्रतिशत जीएसटी के अलावा अब एक्साइज टैक्स भी लगाया जाएगा।
यह टैक्स केवल सिगरेट के ब्रांड पर ही नहीं, बल्कि उसकी लंबाई और फिल्टर होने या न होने के आधार पर तय किया जाएगा। यानी जितनी लंबी सिगरेट होगी, उस पर उतना ही ज्यादा टैक्स लगेगा।विशेषज्ञों के मुताबिक साल 2017 में जीएसटी लागू होने के बाद यह सिगरेट पर अब तक का सबसे बड़ा टैक्स बोझ होगा।
नई एक्साइज ड्यूटी के चलते सिगरेट की खुदरा कीमतों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होने की संभावना है।सरकार का मानना है कि टैक्स बढ़ाने से न सिर्फ राजस्व में इजाफा होगा, बल्कि तंबाकू सेवन को हतोत्साहित करने में भी मदद मिलेगी। वहीं सिगरेट पीने वालों के लिए यह फैसला जेब पर भारी पड़ने वाला साबित हो सकता है।

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