लखनऊ उत्तर प्रदेश GST विभाग के अधिकारी प्रशांत सिंह की नियुक्ति को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। इस मामले में चौंकाने वाली बात यह है कि आरोप किसी और ने नहीं, बल्कि खुद उनके सगे भाई ने लगाए हैं। शिकायत के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है।शिकायत में आरोप लगाया गया है कि प्रशांत सिंह की सरकारी नौकरी नियमों को दरकिनार कर हासिल की गई। चयन प्रक्रिया, शैक्षणिक योग्यता और दस्तावेजों के सत्यापन में गंभीर अनियमितताओं की बात कही गई है। यह भी आरोप है कि राजनीतिक पहुंच और प्रभाव का इस्तेमाल कर नौकरी पाई गई।
भाई का कहना है कि उसने कई बार अंदरूनी स्तर पर इस मुद्दे को उठाने की कोशिश की, लेकिन जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो उसे मजबूरन शिकायत दर्ज करानी पड़ी। उसने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए।मामला सामने आने के बाद विपक्ष ने योगी सरकार पर सवाल खड़े किए हैं। विपक्षी नेताओं का आरोप है कि सरकार अपने करीबी अधिकारियों को बचाने की कोशिश करती है और ऐसे मामलों में कार्रवाई में देरी होती है।
वहीं GST विभाग के सूत्रों का कहना है कि शिकायत को गंभीरता से लिया गया है और प्रारंभिक जांच शुरू कर दी गई है। जांच में दोष सिद्ध होने पर प्रशांत सिंह की नौकरी पर खतरा मंडरा सकता है और कानूनी कार्रवाई भी संभव है।फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है किक्या यह सत्ता के संरक्षण का मामला है या फिर कानून के डर से किया गया खुलासा?अब सबकी निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं।

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