नई दिल्ली। दिल्ली सरकार एक बार फिर विधायकों की सहायता के लिए 100 से अधिक फेलो नियुक्त करने की तैयारी में है। इन फेलो का काम विधायकों को नीतिगत शोध, विधानसभा कार्य, क्षेत्रीय मुद्दों के विश्लेषण और विकास योजनाओं की मॉनिटरिंग में सहयोग देना होगा।गौरतलब है कि करीब दो साल पहले दिल्ली सरकार ने ऐसे ही 116 फेलो को सेवा से हटा दिया था।
उस समय यह फैसला प्रशासनिक और नीतिगत कारणों के चलते लिया गया था, जिस पर राजनीतिक स्तर पर भी बहस हुई थी।सूत्रों के मुताबिक, नई नियुक्तियां एक संशोधित ढांचे और स्पष्ट दिशा-निर्देशों के तहत की जाएंगी, ताकि फेलो की भूमिका अधिक प्रभावी और जवाबदेह हो सके। सरकार का कहना है कि विधायकों के कार्यभार को देखते हुए पेशेवर सहयोग की जरूरत है, जिससे कानून निर्माण और जनसेवा के कामों में तेजी लाई जा सके।
बताया जा रहा है कि फेलोशिप के लिए चयन प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी और इसमें युवा पेशेवरों, शोधकर्ताओं और पब्लिक पॉलिसी से जुड़े उम्मीदवारों को मौका दिया जाएगा।सरकार के इस कदम को प्रशासनिक क्षमता बढ़ाने की दिशा में अहम माना जा रहा है, हालांकि विपक्ष ने पहले की तरह इस पर सवाल उठाने के संकेत भी दिए हैं।

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