वाराणसी में 77वां गणतंत्र दिवस पूरे हर्षोल्लास और देशभक्ति के माहौल में मनाया गया। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक राष्ट्रीय पर्व की रौनक देखने को मिली। सरकारी भवनों, राज्य व केंद्रीय कार्यालयों को आकर्षक ढंग से सजाया गया, वहीं निजी संस्थानों और शिक्षण संस्थानों में भी ध्वजारोहण और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।जिले का प्रमुख समारोह परेड ग्राउंड में आयोजित हुआ, जहां राज्यमंत्री रविंद्र जायसवाल ने परेड की सलामी ली। इस अवसर पर पहली बार महिला कमांडो का दस्ता परेड में शामिल हुआ, जो आकर्षण का केंद्र रहा।
परेड के दौरान डीआईजी शिवहरि मीणा का बेटा भी वर्दी में नजर आया और उसने मंच पर मौजूद अधिकारियों से हाथ मिलाया, जिसे लोगों ने सराहा।वाराणसी कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने देशभक्ति गीतों और राष्ट्रीय गान के बीच तिरंगा फहराया। ध्वजारोहण के साथ ही परिसर ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ के नारों से गूंज उठा। कमिश्नरी कार्यालय में मंडलायुक्त एस. राजलिंगम और नगर निगम परिसर में नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया।विकास भवन में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) ने ध्वजारोहण कर सलामी दी। प्रशासन के निर्देश पर सभी सरकारी विभागों में सुबह 9 बजे तक और विद्यालयों में सुबह 10 बजे तक झंडारोहण किया गया।
जिला प्रशासन की ओर से स्वतंत्रता सेनानियों के वंशजों को उनके आवास पर जाकर सम्मानित करने की भी योजना है।शिक्षण संस्थानों में भी गणतंत्र दिवस की विशेष धूम रही। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में कुलपति प्रो. अजय चतुर्वेदी ने कर्मचारियों और छात्रों की उपस्थिति में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। एनसीसी के छात्र-छात्राओं ने परेड कर सलामी दी। वहीं संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ सहित अन्य शिक्षण संस्थानों में भी ध्वजारोहण हुआ और देशभक्ति से जुड़े कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।जगह-जगह स्कूलों के बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों, देशभक्ति गीतों और नृत्य प्रस्तुतियों के माध्यम से गणतंत्र दिवस का संदेश दिया। पूरे जिले में राष्ट्रभक्ति और उत्सव का माहौल बना रहा।

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