माघ मेले की शुरुआत के साथ ही काशी नगरी में श्रद्धालुओं की संख्या ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गई है। इसका सीधा असर काशी विश्वनाथ मंदिर की दर्शन व्यवस्था पर देखने को मिल रहा है। बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए रोजाना श्रद्धालुओं की 2 से 3 किलोमीटर लंबी कतारें लग रही हैं, जो मंदिर परिसर से निकलकर आसपास की सड़कों तक फैल जा रही हैं।
प्रयागराज में चल रहे माघ मेले और मकर संक्रांति स्नान के चलते बड़ी संख्या में श्रद्धालु वाराणसी पहुंच रहे हैं। स्नान-दान के बाद भक्त बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए काशी आ रहे हैं। सुबह तड़के से ही मंदिर के बाहर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगती है, जो देर रात तक बनी रहती है।मकर संक्रांति के अवसर पर श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने स्पर्श दर्शन को अस्थायी रूप से बंद रखने का फैसला लिया है। इस दिन केवल सामान्य दर्शन की ही अनुमति होगी। प्रशासन का कहना है कि यह निर्णय श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और सुचारु व्यवस्था बनाए रखने के लिए लिया गया है।
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और सुरक्षाबलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है। मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में बैरिकेडिंग, सीसीटीवी निगरानी और यातायात प्रबंधन को और सख्त किया गया है। वहीं श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और धैर्य बनाए रखें।मंदिर प्रशासन के अनुसार, माघ मेले के दौरान आने वाले दिनों में भी श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ सकती है। ऐसे में दर्शन व्यवस्था को लगातार मॉनिटर किया जा रहा है, ताकि हर भक्त को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से बाबा के दर्शन मिल सकें।


