तीन दिवसीय भारत यात्रा पर आईं यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने सोमवार को भारत के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। उनके साथ यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा भी इस भव्य आयोजन में शामिल हुए। कर्तव्य पथ पर आयोजित गणतंत्र दिवस परेड में दोनों नेताओं की मौजूदगी भारत–यूरोपीय संघ संबंधों की मजबूती को दर्शाती नजर आई।
गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होने के बाद वॉन डेर लेयेन ने इसे अपने जीवन का एक अत्यंत सम्मानजनक और यादगार क्षण बताया। उन्होंने कहा कि भारत जैसे विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के राष्ट्रीय पर्व में शामिल होना उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने भारत की सांस्कृतिक विविधता, लोकतांत्रिक मूल्यों और बढ़ती वैश्विक भूमिका की भी सराहना की।समारोह के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति में भारत की सैन्य शक्ति, सांस्कृतिक विरासत और आत्मनिर्भरता का भव्य प्रदर्शन किया गया। परेड में थल, जल और वायु सेनाओं की टुकड़ियों के साथ स्वदेशी हथियार प्रणालियों और सांस्कृतिक झांकियों ने सभी का ध्यान आकर्षित किया।
गणतंत्र दिवस समारोह के बाद यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और एंटोनियो कोस्टा की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ शिखर वार्ता प्रस्तावित है। इस दौरान भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौते, रणनीतिक साझेदारी और रक्षा सहयोग जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।77वें गणतंत्र दिवस पर यूरोपीय संघ के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी को भारत–ईयू संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है।

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