उत्तर प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। कड़ाके की ठंड, बर्फीली हवाओं और घने कोहरे ने पूरे प्रदेश को अपनी चपेट में ले लिया है। मौसम विभाग ने राज्य के 16 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है, जबकि 30 से अधिक जिलों में घना कोहरा छाया हुआ है। न्यूनतम तापमान गिरकर 3.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
सुबह और रात के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है। ठंडी हवाओं के कारण लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं। अलाव और हीटर ही लोगों के सहारे बने हुए हैं। सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों, बच्चों और गरीब तबके को हो रही है। कई जिलों में स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है, वहीं कुछ जगहों पर कक्षा 1 से 8 तक के स्कूल बंद कर दिए गए हैं।घने कोहरे के कारण विजिबिलिटी बेहद कम हो गई है। इसका असर रेल और सड़क यातायात पर साफ दिखाई दे रहा है। कई ट्रेनें देरी से चल रही हैं, जबकि हाईवे पर वाहन रेंगते नजर आ रहे हैं। प्रशासन ने लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और सावधानी बरतने की सलाह दी है।
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इससे ठंड और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। किसानों को भी सतर्क रहने की चेतावनी दी गई है, क्योंकि बारिश से फसलों को नुकसान पहुंच सकता है।ठंड और मौसम के तनाव का असर सिर्फ इंसानों तक सीमित नहीं रहा। एक दुखद घटना में हार्ट फेल होने से एक डॉल्फिन की मौत हो गई। विशेषज्ञों का मानना है कि अत्यधिक ठंड और पर्यावरणीय बदलाव वन्यजीवों के लिए भी खतरा बनते जा रहे हैं। वन विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है।


