वाराणसी। लोकसभा चुनाव से पहले संगठन को धार देने के उद्देश्य से भारतीय जनता पार्टी (भारतीय जनता पार्टी) ने काशी में ‘महापाठशाला’ का आयोजन किया। इस विशेष प्रशिक्षण सत्र में तीन राज्यों से कुल 210 पदाधिकारी शामिल हुए। कार्यक्रम में अनुशासन को सर्वोपरि रखते हुए लेट एंट्री करने पर पूर्व प्रदेश अध्यक्ष को भी बाहर कर दिया गया, जिससे संगठन की सख्ती का स्पष्ट संदेश गया।अनुशासन पर सख्त रुख कार्यक्रम तय समय पर शुरू हुआ और प्रवेश द्वार निर्धारित समय के बाद बंद कर दिए गए। सूत्रों के अनुसार, एक पूर्व प्रदेश अध्यक्ष निर्धारित समय से देरी से पहुंचे, जिसके चलते उन्हें प्रवेश नहीं दिया गया। पार्टी सूत्रों का कहना है कि यह कदम सभी पदाधिकारियों के लिए एक समान नियम लागू करने के उद्देश्य से उठाया गया।
तीन राज्यों से जुटे पदाधिकारी इस ‘महापाठशाला’ में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बिहार से जुड़े पदाधिकारी शामिल हुए। संगठनात्मक मजबूती, बूथ प्रबंधन, सोशल मीडिया रणनीति और आगामी चुनावी तैयारियों पर विस्तृत चर्चा की गई। वरिष्ठ नेताओं ने कार्यकर्ताओं को जमीनी स्तर पर सक्रियता बढ़ाने और सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने का मंत्र दिया।काशी का प्रतीकात्मक महत्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र होने के कारण वाराणसी (वाराणसी) को संगठनात्मक गतिविधियों के केंद्र के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि काशी से दिया गया संदेश पूरे देश में कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।चुनावी रणनीति पर फोकस बैठक में आगामी चुनावों को लेकर माइक्रो प्लानिंग, लाभार्थी संपर्क अभियान और बूथ स्तर तक संवाद बढ़ाने की रणनीति तय की गई। पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित करें और रिपोर्ट संगठन को सौंपें।

.jpeg)