सूरत में कार्बन मोनोऑक्साइड गैस से पति-पत्नी और बेटे की मौत, गीजर बना वजह

गुजरात के सूरत शहर में रात एक दर्दनाक हादसे में पति, पत्नी और उनके बेटे की नींद में ही मौत हो गई। प्राथमिक पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि तीनों की मौत कार्बन मोनोऑक्साइड गैस से दम घुटने के कारण हुई। पुलिस जांच में सामने आया है कि घर में लगा गीजर रातभर चालू था, जिससे गैस कमरे में भर गई।मृतकों की पहचान 40 वर्षीय सैयद फैज युसूफ अहमद, उनकी पत्नी मुबीना सैयद (36) और उनके बेटे नोमान (12) के रूप में हुई है। तीनों रात घर में सो रहे थे। घटना का खुलासा सुबह तब हुआ, जब सैयद फैज के भाई उस्मान अपने भतीजे को स्कूल भेजने के लिए घर पहुंचे। काफी देर तक दरवाजा खटखटाने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिला, जिसके बाद दरवाजा तोड़ा गया। अंदर तीनों के शव अलग-अलग कमरों में मिले।परिवार की 14 वर्षीय बेटी फरहीन घटना के समय अपनी दादी के घर पर थी, जिससे उसकी जान बच गई। बताया जा रहा है कि पूरा परिवार चार दिन पहले ही सऊदी अरब से धार्मिक यात्रा कर सूरत लौटा था।घटना की सूचना मिलते ही डीसीपी राघव जैन, लालगेट थाना पुलिस और एफएसएल टीम मौके पर पहुंची। 

शुरुआती जांच में मुंह से झाग निकलने के कारण पहले जहर सेवन की आशंका जताई गई थी, लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि कार्बन मोनोऑक्साइड गैस सांस के जरिए शरीर में चली गई थी, जिससे दम घुट गया।पुलिस ने बताया कि बंद कमरे में यदि गीजर या गैस से चलने वाला उपकरण चालू रहे और वेंटिलेशन न हो, तो 10 से 20 मिनट में ऑक्सीजन की मात्रा कम होने लगती है और कार्बन मोनोऑक्साइड तेजी से फैल जाती है। यह गैस खून में ऑक्सीजन की जगह ले लेती है, जिससे व्यक्ति को सांस लेने में दिक्कत होती है और 30 से 60 मिनट में बेहोशी, जबकि 1 से 2 घंटे में मौत हो सकती है।फिलहाल मौत के सटीक कारणों की पुष्टि के लिए ब्लड और विसरा सैंपल एफएसएल जांच के लिए भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही अंतिम निष्कर्ष निकाला जाएगा।विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि बाथरूम या बंद कमरों में गैस गीजर का उपयोग न करें, और यदि करें तो पर्याप्त वेंटिलेशन सुनिश्चित करें, ताकि ऐसे जानलेवा हादसों से बचा जा सके।



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