समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ यौन शोषण के आरोप में दर्ज एफआईआर को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि “विचारों का मतभेद अपनी जगह है, लेकिन इस स्तर तक जाकर आरोप लगवाना बेहद गंभीर बात है। यह सरकार अब बचने वाली नहीं है।”
कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई FIR
बताया जा रहा है कि रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष ब्रह्मचारी ने प्रयागराज की पॉक्सो कोर्ट में दो बच्चों को पेश कर अविमुक्तेश्वरानंद पर गंभीर आरोप लगाए थे। शनिवार को कोर्ट के आदेश के बाद देर रात एफआईआर दर्ज कर ली गई।
अखिलेश यादव ने कहा कि “एक समय ऐसे मामलों में दर्ज मुकदमे वापस लिए गए थे। अगर न्याय की बात है तो सबके लिए समान होनी चाहिए।”
डिप्टी सीएम को खुला ऑफर
अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश के दोनों उपमुख्यमंत्रियों — केशव प्रसाद मौर्या और ब्रजेश पाठक — को खुला प्रस्ताव दिया। उन्होंने कहा,“दोनों में से कोई भी 100 विधायक लेकर आ जाए, मुख्यमंत्री बन जाए। इससे बेहतर ऑफर उन्हें कहीं नहीं मिलेगा। लेकिन यह ऑफर सिर्फ एक हफ्ते के लिए है।
सुरक्षा हटाने पर भी सवाल
सपा प्रमुख ने सुरक्षा में कटौती के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा,“हम सपा के लोग घबराने वाले नहीं हैं। सब सुरक्षा वापस भी ले लेंगे, तब भी हम सरकार को हटा देंगे। सवाल है कि किस आधार पर सुरक्षा हटाई गई? यह सब अपमानित और डिमोरलाइज करने की रणनीति है।”उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का उदाहरण देते हुए कहा कि “उनकी एसपीजी सुरक्षा हटाई गई, घर खाली कराया गया। नेताजी का और हमारा घर भी छीना गया। लेकिन हम कमजोर नहीं हुए।”
“जैसे-जैसे पीड़ा बढ़ रही, PDA बढ़ता जा रहा”
अखिलेश यादव ने कहा कि पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) आंदोलन लगातार मजबूत हो रहा है।“जैसे-जैसे पीड़ा बढ़ रही है, पीडीए बढ़ता जा रहा है। हम पीड़ित, दुखी और अपमानित लोगों के साथ खड़े हैं। समाजवादी आंदोलन लोकतंत्र को बचाने और समाजवादी व्यवस्था लाने के लिए आगे बढ़ेगा।”उन्होंने यह भी दावा किया कि बड़ी संख्या में लोग समाजवादी पार्टी में शामिल हो रहे हैं और पार्टी उन्हें साथ लेकर आगे बढ़ेगी।

