वसंत कन्या महाविद्यालय में स्वदेशी शिल्प परंपराओं को बढ़ावा, छात्राओं ने लिप्पन और खटवा कला में दिखाया हुनर

वसंत कन्या महाविद्यालय के गृह विज्ञान विभाग द्वारा महाविद्यालय परिसर में दो दिवसीय अनुभवात्मक कार्यशाला, प्रदर्शनी एवं बिक्री स्टॉल का आयोजन किया गया। प्रातः 11 बजे से अपराह्न 4 बजे तक चले इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को स्वदेशी शिल्प परंपराओं से व्यावहारिक रूप से जोड़ना और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत कौशल विकास एवं उद्यमिता को बढ़ावा देना रहा।कार्यशाला विभागाध्यक्ष प्रो. संगीता देवड़िया के निर्देशन में संपन्न हुई। इसमें लिप्पन आर्ट तथा खटवा एवं मिरर वर्क जैसी पारंपरिक शिल्प विधाओं का प्रशिक्षण दिया गया। लिप्पन कला, जो कच्छ (गुजरात) की प्रसिद्ध भित्ति सज्जा शैली है, के लिए 113 विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया, जबकि खटवा एवं मिरर वर्क के लिए 51 विद्यार्थियों ने सहभागिता की। अन्य श्रेणियों में 10 पंजीकरण प्राप्त हुए। कार्यक्रम में लगभग 8 प्राध्यापकों की सक्रिय भागीदारी भी रही।

इस आयोजन में विभिन्न शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे पारंपरिक कला के प्रति युवाओं में बढ़ती रुचि स्पष्ट रूप से दिखाई दी। महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. रचना श्रीवास्तव ने कहा कि यह कार्यक्रम सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और कौशल आधारित शिक्षा को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। प्रबंधक उमा भट्टाचार्य ने भी ऐसे आयोजनों को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए उपयोगी बताया।कार्यक्रम के अंतर्गत छात्राओं द्वारा तैयार हस्तनिर्मित उत्पादों की प्रदर्शनी एवं बिक्री भी आयोजित की गई, जिससे उन्हें उद्यमिता और स्वरोजगार का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ। यह आयोजन शिक्षा, कौशल और संस्कृति के समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरा।



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