प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर वाराणसी पहुंचते ही मीडिया से बातचीत के दौरान तीखे तेवर में नजर आए। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि सरकार चुनाव की पूरी तैयारी कर चुकी है, मतपत्र छपकर सभी जिलों में भेजे जा चुके हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि विधानसभा चुनाव से पहले ही पंचायत चुनाव कराए जाएंगे, किसी तरह की भ्रांति न रखें।शंकराचार्य के हालिया बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि देश संविधान से चलता है, किसी के बयान से व्यवस्था नहीं बदली जा सकती। गौ माता को राज्य माता का दर्जा देने संबंधी बयान पर उन्होंने कहा कि जब मामला कैबिनेट में आएगा, तब देखा जाएगा।
सुहेलदेव जयंती के दौरान अनिल राजभर द्वारा मंच से दिए गए बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि अगर वोट बेचने की दुकान कहीं है तो उसका पता बताएं, राजभर समाज के नेतृत्व को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि आज जो उंगली उठा रहे हैं, वे पहले लोहे की चोरी करते थे। उन्होंने दावा किया कि 23 साल में उन्होंने जो किया, वह आज तक कोई नहीं कर पाया। सुहेलदेव महाराज को लेकर उन्होंने कहा कि जब हमने अपने पिता को पिता कहना शुरू किया, तभी लोगों का ध्यान सुहेलदेव महाराज की ओर गया।
UGC की नई गाइडलाइन पर ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि यदि इसमें कोई गड़बड़ी है तो सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे खुले हैं, जो जाना चाहता है, जाए। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था में OBC, SC और ST वर्गों के साथ पक्षपात होता है, और इस लड़ाई को वे आगे भी लड़ेंगे।सपा के PDA नारे पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि PDA का मतलब “परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी” है।बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट के इस्तीफे और शंकराचार्य से मुलाकात को लेकर उन्होंने कहा कि यह ड्रामा और राजनीति है।


